‘Munjya’ Movie Review: हॉरर के साथ कॉमेडी का तड़का, मगर डर से उछलने पर कर देगी मजबूर…

Munjya‘: मैडॉक अपने सुपरनैचुरल यूनिवर्स की चौथी फिल्म ‘मुंज्या’ लेकर आए हैं, जो एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है। यह एंटरटेनिंग फिल्म आप अपने पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं।

फिल्म स्त्री, रूही और भेड़िया के बाद अब मैडॉक की हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स में एक और फिल्म जुड़ गई है, जिसका नाम है मुंज्या। मूवी में अभय वर्मा और शरवरी वाघ मुख्य भूमिका में हैं और मोना सिंह सहायक भूमिका में हैं। एक लोककथा से प्रेरित, मुंज्या कहानी कोंकण पर आधारित है। लोककथाएं उन युवा लड़कों से जुड़ी हैं, जो अपने धागा (मुंजा) समारोह के 10 दिनों के भीतर मर जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि अगर आत्मा जाग जाती है, तो अपनी अधूरी इच्छाओं को पूरा करने के लिए रिश्तेदारों को परेशान करता है। फिल्म इसी बारे में है! अभय वर्मा ने बिट्टू की भूमिका निभाई है जो इस मुंज्या से परेशान है।

क्या है कहानी?

फिल्म ‘मुंज्या’ की कहानी में लड़के के मन में मुन्नी के लिए प्यार बढ़ता जाता है। वह पास के एक जंगल में मुन्नी को पाने की उम्मीद में काला जादू करने लगता है और इसके लिए अपनी बहन की बलि देने की तैयारी करता है, लेकिन उसका किया उस वक्त उल्टा पड़ जाता है, जब बहन से छीना झपटी में उसे चोट लग जाती है और वह मर जाता है। उसका परिवार उसे उसी पेड़ के नीचे दफ कर देता है जहां वो मुन्नी के प्यार में पागल होकर काला जादू करता था। इसके बाद कहानी आज का समय दिखाया जाता है, जिसमें दिखाया जाता है कि एक पुणे का रहने वाला लड़का बिट्टू (अभय वर्मा) कॉस्मेटोलॉजी का स्टूडेंट होता है जो हमेशा शांत रहना पसंद करता है और लोगों से बहुत कम बात करता है। वह अपनी मां पम्मी (मोना सिंह) और दादी (सुहास जोशी) के साथ खुशी से रहता है। वहीं कहानी में एक और नया ट्विस्ट देखने को मिलता है वह अपनी दोस्त बेला (शरवरी) को पसंद करता है, लेकिन वो अपने प्यार का इजहार उसके सामने नहीं कर पाता है और डरता है कि कहीं अगर मैंने बता दिया तो वो छोड़कर चली जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिल्म ‘मुंज्या’ पहली भारतीय हॉरर फिल्म है, जिसमें (CGI) कंप्यूटर जेनरेटेड इमेजिनरी कैरेक्टर का इस्तेमाल किया गया है।

फिल्म ‘मुंज्या’ का निर्देशन

डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और सिनेमाटोग्राफी को बहुत ही बारीकी से तैयार किया गया है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब बिट्टू अपने दादा के गांव में एक शादी में जाता है और इस दौरान उसके सामने कुछ पुराने राज खुलने लगते हैं। वहीं बिट्टू के चाचा एक खौफनाक पारिवारिक रहस्य का खुलासा करते हैं और बताते हैं कि उसकी दादी ही वह लड़की है, जिसने अनजाने में अपने भाई को मुंज्या नाम की आत्मा को बनाया था।जिस तरह से फिल्म को डायरेक्ट किया है वो काबिले तारीफ है। मैडॉक फिल्म्स प्रोडक्शन के तहत बनी फिल्म ‘मुंज्या’ बहुत मजेदार फिल्म है ये देखने लायक है। वहीं, फिल्म का सेकेंड हाफ आपको सीट से उठाने नहीं देगा।

फिल्म ‘मुंज्या’ का म्यूजिक

हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘मुंज्या’ एक गेम चेंजर जैसी है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और म्यूजिक सस्पेंस को बढ़ाता है, जिससे दर्शक कहानी से बंधे रहते हैं। फिल्म के गाने की धुन आपके दिमाग और दिल में जगह बना लेगी।

स्टार कास्ट की एक्टिंग काबिले तारीफ

फिल्म ‘मुंज्या’ में अभय वर्मा और मोना सिंह ने अपनी शानदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। वहीं शरवरी का किरदार लोगों को बहुत पसंद आया। अभय वर्मा की मासूमियत ने तो बिट्टू के किरदार में जान फूंक दी।

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