Tirupati Temple में खचाखच भीड़, गेट खुलते ही भगदड़ में बिछ गईं लाशें…

Tirupati Temple Stampede: तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बुधवार रात भगदड़ मचने से कम से कम छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए।

Tirupati Temple Stampede: तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बुधवार रात भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) प्रमुख ने यह जानकारी दी। यह भगदड़ उस समय मची, जब वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए सैकड़ों लोग टिकट पाने की कोशिश कर रहे थे। देश भर से सैकड़ों श्रद्धालु 10 जनवरी से शुरू होने वाले 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए यहां आए हैं। इससे पहले, पुलिस ने तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत होने की जानकारी दी थी।

कैसे मची भगदड़

बताया गया कि वैकुंठ द्वार दर्शनम के टोकन के लिए भगदड़ एमचीएम स्कूल के काउंटर पर पर मची. भगदड़ तब मची जब टोकन बांटना शुरू भी नहीं हुआ था. खुद टीटीडी यानी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के चीफ बीआर नायडू की मानें तो एक डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक​​) ने गेट खोले…और तुरंत ही सभी लोग आगे बढ़ने लगे. इससे भगदड़ मच गई. इसमें छह लोगों की मौत हो गई. एक शव की पहचान कर ली गई है. शव महिला का है. देश भर से सैकड़ों श्रद्धालु 10 जनवरी से शुरू होने वाले 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए यहां आए हैं. बताया जा रहा कि टोकन के लिए 4 हजार लोग पहुंचे थे. यह कार्यक्रम 19-20 जनवरी तक चलेगा.

छह लोगों की मौत
डॉक्टरों का कहना है कि छह लोगों की मौत इसलिए हुई। क्योंकि वे घायलों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा सके। इसी बात को लेकर भक्त भी आरोप लगा रहे हैं। आरोप है कि घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए आधे घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा। घटना स्थल पर श्रद्धालुओं ने एक डीएसपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। वहीं, बताया जा रहा है कि मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर इस घटना के कुछ वीडियो सामने आए. इन वीडिओ में पुलिसवालों को भीड़ को कंट्रोल करते वक्त काफी मशक्कत करते देखा गया. इस तनावपूर्ण माहौल में लोग एक-दूसरे को धक्का-मुक्की करते हुए भी दिखाई दिए. क्योंकि वैकुंठ द्वार का दर्शन 10 जनवरी से होना था. इसलिए टोकन 9 जनवरी से बांटे जाने थे. इसके लिए कतार 8 जनवरी से ही लगी थी. 9 जनवरी यानी गुरुवार की सुबह टोकन के लिए काउंटर खुलने थे. मगर उससे पहले ही बुधवार की रात को भगदड़ मच गई

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