ग्रेस मार्क से पास छात्र के लिए खरीदा गया NEET पेपर? जांच में बड़ा खुलासा…

Rajasthan News: NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस हाईप्रोफाइल मामले में एक ऐसी मार्कशीट सामने आई है, जिसने जांच एजेंसियों के साथ-साथ आम लोगों को भी चौंका दिया है। यह मार्कशीट राजस्थान के ऋषि बिवाल की बताई जा रही है, जिसके पिता दिनेश बिवाल पर

कथित तौर पर 10 लाख रुपये देकर NEET का प्रश्नपत्र खरीदने का आरोप है। वायरल मार्कशीट में छात्र के साइंस विषयों में बेहद कम अंक दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई है।

सेकंड डिवीजन विद ग्रेस से पास हुआ छात्र
राजस्थान बोर्ड की सीनियर सेकेंडरी परीक्षा की कथित मार्कशीट के अनुसार ऋषि बिवाल को कुल 500 में सिर्फ 254 अंक मिले थे। वह 50.80 प्रतिशत अंकों के साथ “Second Division By Grace” से पास हुआ था। सबसे ज्यादा चर्चा उसके फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के थ्योरी अंकों को लेकर हो रही है, क्योंकि यही विषय NEET जैसी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की बुनियाद माने जाते हैं।

मार्कशीट के अनुसार फिजिक्स में उसे कुल 51 नंबर मिले, लेकिन पहले थ्योरी पेपर में सिर्फ 9 और दूसरे पेपर में 14 अंक थे। केमिस्ट्री में कुल 58 नंबर आए, जिसमें थ्योरी में 15 और दूसरे पेपर में 14 अंक दर्ज हैं। वहीं बायोलॉजी में कुल 62 अंक मिले, लेकिन पहले थ्योरी पेपर में सिर्फ 20 और दूसरे पेपर में 14 अंक प्राप्त हुए। हिंदी में 32 और अंग्रेजी में 51 नंबर दर्ज हैं।

“600 नंबर आने की उम्मीद” ने बढ़ाए सवाल
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि कथित लीक पेपर के जरिए ऋषि बिवाल को NEET में 600 से अधिक अंक दिलाने की तैयारी की जा रही थी। यही वजह है कि उसकी बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट सामने आने के बाद अब पूरा मामला और अधिक संदेह के घेरे में आ गया है। लोग पूछ रहे हैं कि जिस छात्र के साइंस विषयों में बुनियादी प्रदर्शन इतने कमजोर थे, उसके लिए लाखों रुपये खर्च कर कथित तौर पर पेपर क्यों खरीदा गया।

कैसे खुली पेपर लीक नेटवर्क की परतें?
जांच एजेंसियों के मुताबिक NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले राजस्थान और हरियाणा के नेटवर्क के जरिए कई छात्रों तक पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र की हैंडरिटन कॉपी को स्कैन कर PDF बनाया गया और फिर उसे व्हाट्सऐप-टेलीग्राम ग्रुपों के जरिए फैलाया गया। आरोप है कि इस नेटवर्क में कई दलाल, कोचिंग सेंटरों से जुड़े लोग और मेडिकल छात्रों तक की भूमिका रही।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के जमवारामगढ़ निवासी दिनेश बिवाल और उनके भाई मंगलाल बिवाल ने कथित तौर पर गुरुग्राम के एक डॉक्टर से करीब 30 लाख रुपये में पेपर खरीदा था। बाद में यही पेपर दूसरे छात्रों तक भी पहुंचाया गया। जांच एजेंसियां अब पैसे के लेनदेन, डिजिटल चैट और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।

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CBI जांच तेज, कई राज्यों में छापेमारी
पेपर लीक विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा समेत कई राज्यों में छापेमारी की गई है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से लीक हुआ और इसमें किन अधिकारियों या संस्थानों की भूमिका रही।

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NEET परीक्षा रद्द, अगले साल से बड़ा बदलाव
पेपर लीक विवाद के बाद NEET UG-2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित यानी CBT मोड में कराई जाएगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल ऋषि बिवाल की वायरल मार्कशीट इस पूरे घोटाले का सबसे चर्चित पहलू बन चुकी है। सोशल मीडिया पर लोग इसे “मेरिट सिस्टम पर सवाल” बता रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर इस कथित नेटवर्क का असली मास्टरमाइंड कौन है।

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