
Noida News: ‘लापरवाह’ सिस्टम की भेंट चढ़ा एक और इंजीनियर, खुले नाले में गिरने से आर्यन की मौत
Noida News: नोएडा के सेक्टर-58 में भारी बारिश के बाद जलभराव के कारण 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर आर्यन खुले नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
Noida News: दिल्ली-एनसीआर में मानसून की पहली बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। नोएडा के सेक्टर-58 में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव के कारण 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर आर्यन की एक खुले नाले में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। आर्यन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद का रहने वाला था और नोएडा के सेक्टर-22 में किराए पर रहकर अपने परिवार का पेट पालता था। पिता के निधन के बाद वह घर का इकलौता सहारा था।
पानी से लबालब सड़क; नहीं दिखा खुला नाला
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ, जब आर्यन पैदल अपने ऑफिस जा रहा था। सेक्टर-58 के ब्लॉक-ए की सड़कें बारिश के पानी से पूरी तरह डूब चुकी थीं। सड़क पर पानी इतना ज्यादा था कि वहां मौजूद खुला नाला दिखाई नहीं दे रहा था। नाले के ऊपर की स्लैब टूटी हुई थी। किनारे से गुजरते समय अचानक आर्यन का पैर फिसल गया और वह करीब 3 फीट गहरे नाले में समा गया।
आसपास मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आर्यन को बाहर निकाला और सीपीआर (CPR) दिया। इसके बाद उसे तुरंत सेक्टर-39 के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्राधिकरण और बिजली विभाग में आरोप-प्रत्यारोप
इस दर्दनाक हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण और विद्युत निगम (बिजली विभाग) आमने-सामने आ गए हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि नाले के पास लगे बिजली के खंभे से पानी में करंट आ रहा था, जिसके कारण आर्यन बेहोश होकर नाले में गिरा।
वहीं, बिजली विभाग ने करंट की बात को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से जलभराव और खुले नाले की लापरवाही का मामला बताया है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी।
‘युवराज मेहता’ केस की यादें हुईं ताजा
इस घटना ने पिछले साल नोएडा के सेक्टर-150 में हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता हादसे की यादें ताजा कर दी हैं, जिनकी मौत भी जलमग्न गड्ढे में डूबने से हुई थी। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इतने बड़े हादसों के बाद भी नोएडा विकास प्राधिकरण ने कोई सबक नहीं लिया है और आज भी शहर में सैकड़ों नाले खुले पड़े हैं, जो हादसों को दावत दे रहे हैं।





