सेंसेक्स में 1000 अंकों की छलांग, निफ्टी 23,400 के पार

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 12 जून 2026 को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और निवेशकों की मजबूत खरीदारी के दम पर बीएसई सेंसेक्स इंट्राडे कारोबार में करीब 1,000 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी 50 ने 23,400 का स्तर पार कर लिया।

भारतीय शेयर बाजार में तेजी की प्रमुख वजहें

  • वैश्विक शेयर बाजारों में मजबूती से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
  • कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारत के लिए राहत की उम्मीद बनी।
  • अमेरिकी-ईरान शांति समझौते की संभावनाओं ने वैश्विक जोखिम भावना को बेहतर किया।
  • रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को समर्थन दिया।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी?

ऑटो और चुनिंदा ब्लूचिप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारुति सुजुकी समेत कई बड़े शेयरों ने बाजार की तेजी में अहम योगदान दिया।

निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा

बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। व्यापक बाजार में भी खरीदारी देखने को मिली और मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

आज के प्रमुख मार्केट ट्रिगर्स

  • वैश्विक बाजारों की चाल
  • कच्चे तेल की कीमतें
  • रुपये की मजबूती
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख
  • आगामी कॉर्पोरेट अपडेट्स और लिस्टिंग्स

मार्केट आउटलुक: विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह वैश्विक संकेत रहे। एशियाई बाजारों में मजबूती और अमेरिकी बाजारों के सकारात्मक रुख ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की। रुपये में सुधार और भारत की मजबूत आर्थिक संभावनाओं ने निवेशकों की धारणा को और बेहतर किया।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहीं और विदेशी निवेश जारी रहा तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, ब्याज दरों से जुड़े फैसलों और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

तेजी के इस माहौल के बीच निवेशकों में उत्साह देखने को मिला और बाजार ने एक बार फिर यह संकेत दिया कि मजबूत आर्थिक बुनियाद और निवेशकों का भरोसा भारतीय शेयर बाजार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

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