सिक्किम टनल हादसा: PM मोदी ने जताई संवेदना, मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि…

Sikkim tunnel accident: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग के ढहने से हुए दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की।

हादसे पर जताया गहरा दुख
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि सिक्किम के नामची में निर्माणाधीन सुरंग के ढहने से हुई जानमाल की हानि से वह बेहद व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।


प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि वह हादसे में घायल हुए सभी लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं और उम्मीद जताई कि राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से जारी रहेंगे।

PMNRF से आर्थिक सहायता का ऐलान
प्रधानमंत्री ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकार का कहना है कि यह सहायता प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दी जा रही है।

नामची में कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग के ढहने के कारण हुआ, जिसमें कई मजदूर और कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस, बचाव एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया गया। हादसे में कुछ लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

यह भी पढ़ें…

‘देश का भविष्य युवा हैं’, PM मोदी के संबोधन पर चिराग पासवान ने साझा की अहम बातें…

राहत और बचाव कार्य जारी
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत कार्य तेज कर दिया। बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने और फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें…

CJP Protest: जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर से शुरू, अनशन जारी रखेंगे सोनम वांगचुक

देशभर से संवेदनाएं
सुरंग हादसे के बाद देशभर से शोक और संवेदना के संदेश सामने आ रहे हैं। विभिन्न नेताओं और सामाजिक संगठनों ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से की गई आर्थिक सहायता की घोषणा प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत का कदम मानी जा रही है। वहीं प्रशासन का पूरा ध्यान बचाव कार्य को तेजी से पूरा करने और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

यह हादसा एक बार फिर बड़े निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे परियोजनाओं में नियमित सुरक्षा ऑडिट, तकनीकी निगरानी और जोखिम प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

यह भी पढ़ें…

‘धरना खत्म करें’… सरकार की अपील पर प्रदर्शनकारियों का जवाब, रखी ये तीन मांग

Back to top button