
धनतेरस पर पुष्कर ब्रह्मा मंदिर में होंगे भगवान कुबेर के विशेष दर्शन
Pushkar Mandir Dhanteras: शनिवार को देशभर में का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान , मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है। धनतेरस को धन और स्वास्थ्य दोनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
धनतेरस को धन और स्वास्थ्य दोनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। देशभर में कई ऐसे मंदिर हैं, जो धन के देवता कुबेर को समर्पित हैं, लेकिन पुष्कर में भगवान कुबेर का ऐसा मंदिर है, जो साल भर में सिर्फ एक बार खुलता है।
पुष्कर ब्रह्मा मंदिर में विशेष महत्व
राजस्थान के में स्थित ब्रह्मा मंदिर सिर्फ भगवान ब्रह्मा को ही नहीं बल्कि भगवान कुबेर को भी समर्पित है। अन्य मंदिरों में अक्सर भगवान कुबेर को भगवान शिव के साथ देखा जाता है, लेकिन पुष्कर ब्रह्मा मंदिर में कुबेर जी ब्रह्मा जी के साथ विराजमान हैं। मंदिर साल भर खुला रहता है, लेकिन धनतेरस के मौके पर ही भगवान कुबेर के विशेष दर्शन होते हैं।
भक्त मानते हैं कि भगवान कुबेर पैसे से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हैं, जबकि ब्रह्मा जीवन में उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद करते हैं। यही कारण है कि धनतेरस के दिन मंदिर में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है।
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मंदिर का इतिहास और वास्तुकला
पुष्कर ब्रह्मा मंदिर पवित्र के पास स्थित है और अपनी वास्तुकला के लिए भी प्रसिद्ध है। मंदिर का निर्माण संगमरमर के पत्थर से हुआ है, जिस पर महीन कारीगरी की गई है। मंदिर का इतिहास लगभग 2000 साल पुराना माना जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहां वज्रनाभ नामक राक्षस अपनी आसुरी शक्तियों से लोगों पर अत्याचार करता था, जिसे ब्रह्मा जी ने वध किया। उस समय ब्रह्मा जी के हाथों से पुष्प के कमल गिरे, जिसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ।
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धनतेरस पर विशेष पूजा
धनतेरस के दिन कुबेर भगवान का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। मंदिर को फूल-मालाओं से सजाया जाता है और आरती कर महाभोग अर्पित किया जाता है। भक्त पुष्कर झील में स्नान करके मंदिर में प्रवेश करते हैं और भगवान ब्रह्मा एवं कुबेर का पूजन करते हैं।
इस प्रकार धनतेरस के दिन पुष्कर ब्रह्मा मंदिर में होने वाले विशेष अनुष्ठान और भगवान कुबेर के दर्शन भक्तों के लिए समृद्धि और आशीर्वाद का अवसर प्रस्तुत करते हैं।
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