
चुनावी रणनीति पर सपा का यू-टर्न या मजबूरी? I-PAC पर अखिलेश ने तोड़ी चुप्पी…
UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा मुद्दा सामने आया है। समाजवादी पार्टी (SP) और चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी I-PAC के रिश्ते को लेकर चल रही अटकलों पर अब खुद सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने स्थिति स्पष्ट की है।
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने उन खबरों को निराधार बताया जिसमें दावा किया गया था कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दलों की हार के बाद I-PAC से काम कराना बंद कर दिया।
I-PAC से दूरी या सिर्फ अफवाह?
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि Samajwadi Party ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए I-PAC (Indian Political Action Committee) की सेवाएं लेना बंद कर दिया है। यह भी दावा किया गया कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दलों—DMK और TMC—की हार के बाद सपा ने यह फैसला लिया।
हालांकि, इन सभी दावों को खारिज करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “ऐसा कुछ नहीं है।” उन्होंने साफ किया कि I-PAC ने कुछ समय के लिए सपा के साथ काम जरूर किया था, लेकिन फिलहाल पार्टी के पास पर्याप्त फंड्स नहीं हैं।
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान
राजधानी Lucknow स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि I-PAC को लेकर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी अपनी रणनीति खुद भी तैयार करने में सक्षम है।
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BJP पर साधा निशाना
इस दौरान सपा प्रमुख ने Bharatiya Janata Party (BJP) पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव प्रबंधन और संसाधनों के दम पर जीत हासिल करती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले भी चर्चा हो चुकी है और 2024 के चुनाव के दौरान “करो या मरो” का आह्वान भी इसी रणनीति के खिलाफ था।
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कार्यकर्ताओं को दिया श्रेय
सपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके संघर्ष की वजह से बीजेपी पूर्ण बहुमत से दूर रही। उन्होंने कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया और आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
I-PAC को लेकर चल रही अटकलों पर अब सपा प्रमुख का बयान सामने आने के बाद स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि सपा पूरी तरह I-PAC से दूरी बना चुकी है, लेकिन इतना जरूर है कि पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को लेकर नए विकल्पों पर भी विचार कर रही है।
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