‘Detect, Disrupt and Destroy’ के मंत्र से नार्को-टेरर पर प्रहार, अमित शाह का बड़ा ऐलान

NCORD Meeting: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ओर से आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और ड्रग्स कानून लागू करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य देशभर में ड्रग तस्करी और नशे के दुरुपयोग के खिलाफ चल रहे अभियान की समीक्षा करना और उसे और मजबूत बनाना था।

अमित शाह ने कहा कि व्यापक जनभागीदारी के कारण यह अभियान अब एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और देश के करोड़ों नागरिक इससे सीधे जुड़े हैं।

करोड़ों लोगों तक पहुंचा जागरूकता अभियान
गृह मंत्री के अनुसार, नशामुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 27.84 करोड़ से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा चुका है। इनमें 10.39 करोड़ से अधिक युवा और 7.25 करोड़ से अधिक महिलाएं शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने इस अभियान को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की है।

देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचा अभियान
अमित शाह ने बताया कि नशामुक्त भारत अभियान देश के सभी जिलों के 19.70 लाख से अधिक शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच चुका है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि युवाओं को नशे से दूर रखना विकसित भारत के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

82 लाख किलो से अधिक नशीले पदार्थ नष्ट
गृह मंत्री ने बताया कि नशे के कारोबार और नार्को सिंडिकेट्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 82.7 लाख किलोग्राम से अधिक अवैध नशीले पदार्थों को जब्त कर नष्ट किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है।


अगले तीन वर्षों में बड़ा अभियान
अमित शाह ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में सरकार ड्रग्स के पूरे इकोसिस्टम पर निर्णायक प्रहार करने की रणनीति पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नशे की खेप पकड़ना नहीं बल्कि इसके पूरे नेटवर्क, वित्तीय तंत्र और तस्करी के अंतरराष्ट्रीय चैनलों को ध्वस्त करना है।


विदेशों में छिपे तस्करों पर भी होगी कार्रवाई
गृह मंत्री ने जानकारी दी कि विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने, प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेज करने और केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से समन्वित कार्रवाई के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जा रहा है।

इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार नार्को-टेरर के खिलाफ अब और अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि “Detect, Disrupt and Destroy” के सिद्धांत पर काम करते हुए नशा तस्करी और उससे जुड़े आतंकी नेटवर्क की पहचान की जाएगी, उनके आर्थिक और लॉजिस्टिक तंत्र को ध्वस्त किया जाएगा और पूरे नेटवर्क का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।

यह भी पढ़ें…

विदेश में बीते साल, लेकिन दिल रहा भारत में… 94 साल की बुजुर्ग फिर बनीं भारतीय नागरिक

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ड्रग्स के कारोबार के पूरे इकोसिस्टम पर ऐसा प्रहार किया जाएगा कि वह दशकों तक दोबारा खड़ा नहीं हो पाएगा। सरकार का लक्ष्य केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स को जड़ से खत्म करना है।

यह भी पढ़ें…

Operation Sindoor के वीरों को राष्ट्र की श्रद्धांजलि, 6 शहीदों के नाम हुए सार्वजनिक…

विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा अभियान
अमित शाह ने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय मिशन है। नशे से मुक्त और स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव रख सकते हैं।

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज को सुरक्षित तथा स्वस्थ बनाने में सहयोग करें।

सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से न केवल देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य भी तेजी से हासिल किया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें…

PMO की पूछताछ पर चंपत राय का जवाब, बोले- जांच पूरी होने तक नहीं देंगे विवरण

Back to top button