
दुबई से रची थी संभल हिंसा की साजिश… भारत में कुर्क हुई शारिक साठा की संपत्ति
Sambhal Voilence: उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को शारिक साठा की चल-अचल संपत्तियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 के तहत कुर्क कर लिया गया। यह कार्रवाई नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा पजाया में की गई, जहां शारिक की करोड़ों रुपये की संपत्ति स्थित है।
पुलिस के मुताबिक, शारिक साठा देश का सबसे बड़ा ऑटो लिफ्टर और कुख्यात फरार गैंगस्टर है, जो फिलहाल विदेश में बैठकर अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा है। उस पर हत्या, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और सांप्रदायिक हिंसा समेत 60 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
न्यायालय के आदेश पर हुई कुर्की
संभल न्यायालय ने 13 जनवरी को शारिक साठा की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी संपत्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया। दीपा सराय स्थित उसके आवास पर पहले ही स्थाई वारंट और उद्घोषणा नोटिस चस्पा किए जा चुके थे, जिनकी वैध अवधि पूरी होने के बाद बुधवार को कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई गई।
दुबई से रची गई संभल हिंसा की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि शारिक साठा ने दुबई में छिपकर 24 नवंबर 2024 को भड़की संभल हिंसा की साजिश रची थी। वहीं से उसने अपने गुर्गों को निर्देश दिए और स्थानीय नेटवर्क के जरिए दंगाइयों को हथियार मुहैया कराए।
पुलिस का दावा है कि हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में हथियारों की सप्लाई की गई और भीड़ को भड़काने में शारिक की केंद्रीय भूमिका रही। जांच के दौरान घटनास्थल से पाकिस्तान निर्मित कारतूस भी बरामद किए गए थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
24 नवंबर 2024: जब संभल जल उठा
24 नवंबर 2024 को संभल की जामा मस्जिद में कोर्ट के आदेश पर सर्वे का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक हिंसा भड़क गई। उग्र भीड़ ने पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया और फायरिंग की गई। इस हिंसा में आधिकारिक तौर पर चार मुस्लिम युवकों की मौत हुई थी, जबकि कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
गुर्गों की गिरफ्तारी से खुला राज
इस मामले में शारिक साठा के करीबी गुर्गे गुलाम, वारिस और मुल्ला अफरोज को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ में तीनों ने कबूल किया कि शारिक साठा के निर्देश पर ही दंगाइयों को हथियार सप्लाई किए गए थे। पुलिस इन तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर उन्हें जेल भेज चुकी है।
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शारिक साठा की क्राइम कुंडली
शारिक साठा का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और संगठित है। उसके खिलाफ—
- हत्या
- आर्म्स एक्ट
- गैंगस्टर एक्ट
- वाहन चोरी
- जालसाजी
- सांप्रदायिक हिंसा
जैसे कुल 69 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, शारिक एक साल में 300 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियां चोरी कराता था, जिन्हें कटवाकर या फर्जी दस्तावेजों के जरिए खपाया जाता था।
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अपराध की शुरुआत ऐसे हुई
शारिक साठा ने अपने आपराधिक जीवन की शुरुआत ट्रक और बसों पर हेल्पर के रूप में काम करते हुए की थी। वर्ष 1991 में गुजरात से आ रहे चीनी से लदे एक ट्रक को गायब करने के मामले में उसके खिलाफ पहली FIR दर्ज हुई। इसके बाद उसने वाहन चोरी, लूट और ऑटो कटिंग का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया और धीरे-धीरे अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट का हिस्सा बन गया।
पुलिस का साफ संदेश
संभल पुलिस और प्रशासन का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ कानून का शिकंजा और कसा जाएगा। विदेश में बैठकर अपराध संचालित करने वालों की संपत्तियां जब्त कर उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ा जाएगा।
फिलहाल शारिक साठा विदेश में है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भारत लाकर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
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