क्या एमएलसी ए.के. शर्मा को मिलेगा कर्मठता का इनाम? डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा जोरों पर

लखनऊ। श्रीमद्भगवत गीता में लिखा है ‘कर्म करो फल की चिंता मत करो, जैसा कर्म करोगे वैसा फल मिलेगा’ लेकिन क्या आज कलियुग में कोई फल की चिंता किए बिना कर्म करता है? खासतौर पर राजनैतिक क्षेत्र में। शायद नहीं, पर कुछ व्यक्ति जरूर हैं जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन फल की चिंता किए बिना करते रहते हैं।   

इन्ही में से एक हैं भाजपा एमएलसी व पूर्व वरिष्ठ आइएएस अधिकारी ए.के. शर्मा, जिनके प्रशासनिक क्षमता एवं कर्मठता की एक झलक कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी सहित समूचे पूर्वांचल में कोविड नियंत्रण को लेकर दिखी।

अब इसी एक झलक की पूरी फिल्म संभवतः प्रदेशवासियों को देखने को मिले क्योंकि उप्र के राजनैतिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ती जा रही है कि ए.के. शर्मा को उनकी प्रशासनिक दक्षता एवं कर्मठता का फल प्रदेश का डिप्टी सीएम बनाकर दिया जा सकता है।

यह चर्चा भाजपा और आरएसएस के बीच दिल्ली में हुई हाई लेवल मीटिंग के बाद और भी जोर पकड़ने लगी क्योंकि सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में उत्तर प्रदेश में बड़े बदलाव को लेकर मंथन हुआ।

ऐसा इसलिए भी, क्योंकि मीटिंग से पहले ही प्रदेश में कोरोना के हालात को लेकर केंद्रीय मंत्री, उप्र सरकार के मंत्री और कई सांसद केन्द्रीय नेतृत्त्व व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख चुके हैं। अब कयास लग रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के करीबी पूर्व आईएएस और मौजूदा एमएलसी ए.के. शर्मा को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।

पूर्वांचल और वाराणसी में शर्मा के कोविड मैनेजमेंट की मोदी ने खुद तारीफ की थी। सूत्रों के मुताबिक बनारस और पूर्वांचल में मैनेजमेंट में शर्मा के सफल होने से मोदी खुश हैं और अब भाजपा और संघ की बैठक के बाद जल्द ही उप्र सरकार में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सरकार में दो डिप्टी सीएम ही रहेंगे या तीन, इस पर मंथन

संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, केंद्रीय नेतृत्व, भाजपा और उत्तर प्रदेश के संगठन महामंत्री की मौजूदगी में दिल्ली में एक अहम बैठक की गई। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में उप्र में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

संघ और भाजपा की इस बैठक को अहम माना जा रहा हैं। मीटिंग के बाद से ही कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है जल्द ही यूपी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। अब सरकार में दो डिप्टी सीएम रहेंगे या तीन, इस पर मंथन चल रहा हैं।

उप्र भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल बीते 2 दिनों से दिल्ली में मौजूद हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मई में कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। इस विस्तार में 5 नए चेहरे शामिल किए जाएंगे और करीब 7 हटाए जाएंगे।

नए चेहरों के सहारे छवि बदलने की कोशिश

पूर्वांचल को कोरोना आपदा से बचाने की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व आईएएस व एमएलसी एके शर्मा ने 20 जिलों के साथ बनारस में जो प्रबंधन किया है। उसके बाद उनकी भूमिका की सराहना प्रधानमंत्री ने भी की थी। सीएम योगी के साथ रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में एके शर्मा भी मौजूद रहे।

माना जा रहा है कि उप्र सरकार में प्रबंधन को लेकर कई तरह के अलग-अलग सवाल उठते चले आ रहे हैं। ऐसे में ए.के. शर्मा का प्रदेश सरकार में सक्रिय होना और सरकार के अगले मंत्रिमंडल में जगह पाने की पूरी संभावना बताई जा रही है।

इस वक्त यूपी की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के तीन मंत्रियों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। ऐसे में मंत्रिमंडल का पुनर्गठन आने वाले चुनाव के लिए समीकरण साधने में मदद करेगा।

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