
लखनऊ में ट्रेन मैनेजरों का धरना… वेतन, सुरक्षा और पेंशन बहाली सहित सात सूत्री रखीं मांगें
Lucknow News: ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल कार्यालय परिसर में ट्रेन मैनेजरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान 50 से अधिक ट्रेन मैनेजर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करते नजर आए।
धरने का नेतृत्व ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल लखनऊ डिवीजन के डिवीजन सेक्रेटरी अमित कुमार ने किया। उन्होंने रेलवे प्रशासन के समक्ष सात प्रमुख मांगों और कुछ क्षेत्रीय मांगों को रखा, जिन पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
सात प्रमुख मांगें
- ट्रेन मैनेजरों के लिए न्यायसंगत वेतन स्तर सुनिश्चित किया जाए।
2. रनिंग स्टाफ को मिलने वाला माइलेज रेट यात्रा भत्ता, महंगाई भत्ता बढ़ने पर 25% बढ़ाया जाए।
3. ट्रेन मैनेजरों को भी अन्य कर्मचारियों की तरह MACP (Modified Assured Career Progression) का लाभ दिया जाए।
4. 24-01-2025 को जारी जपो (जो स्टेशन क्षेत्र में गाड़ी सिक्योरिंग से संबंधित है) को रद्द किया जाए, क्योंकि इससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
5. सेफ्टी संबंधी नियमों (GR) में ऐसा कोई परिवर्तन न किया जाए जो संरक्षा के लिए बाधक बने।
6. ट्रेन मैनेजर संवर्ग में भारी स्टाफ कमी को दूर करने के लिए रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए ताकि गाड़ियों के समय पर संचालन और कर्मचारियों को उचित विश्राम मिल सके।
7. सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए और नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त किया जाए।
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सुरक्षा और विश्राम समय पर चिंता
अमित कुमार ने कहा कि ट्रेन मैनेजरों की लगातार कमी के कारण कर्मचारियों को उचित विश्राम नहीं मिल पा रहा है, जिससे ट्रेन संचालन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे बोर्ड के सेफ्टी निदेशालय की शक्तियों को बहाल किया जाए, और ऐसे किसी बदलाव से बचा जाए जो सुरक्षा मानकों को कमजोर करे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि आउटस्टेशन विश्राम समय को 8 घंटे से घटाकर 6 घंटे करना अनुचित है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।
क्षेत्रीय मांगें
क्षेत्रीय स्तर की मांगों में —
- सेल अलाउंस में वृद्धि, क्योंकि बैटरी और टेल लैंप जैसी आवश्यक वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि हुई है।
- पिछले 5 वर्षों से प्रोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे गुड्स ट्रेन मैनेजरों की पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए।
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राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की चेतावनी
धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को आगे राष्ट्रीय स्तर पर तेज किया जाएगा। ट्रेन मैनेजरों का कहना है कि वेतन असमानता, सुरक्षा संबंधी नियमों में अनावश्यक बदलाव और स्टाफ की कमी जैसे मुद्दे अब रेलवे संचालन की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों को प्रभावित कर रहे हैं।
इस प्रदर्शन के माध्यम से ट्रेन मैनेजरों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब तक उनकी वेतन, सुरक्षा और पेंशन संबंधी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
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