ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़, पूर्व जज सास पर मेजर हर्षित शर्मा का तीखा हमला

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा ने पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह पर मृत बहन के चरित्र हनन और रसूख के दम पर जांच प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है।

Twisha Sharma Death Case: नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में मृतका के भाई और भारतीय सेना के सेवारत अधिकारी, मेजर हर्षित शर्मा का एक बेहद तीखा बयान सामने आया है। मेजर हर्षित ने ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की है।

हाल ही में ट्विशा की सास की ओर से आरोप लगाया गया था कि ‘ट्विशा ने गर्भ गिराया था और वह प्रेग्नेंसी के दौरान नशा करती थी।’ इन दावों पर भड़कते हुए मेजर हर्षित शर्मा ने कहा, “आप इतने लंबे समय तक कानून से जुड़ी रही हैं, फिर भी आपका बेटा अभी तक फरार क्यों है? आपको कानून का पालन कराने वाली मर्यादा का ध्यान होना चाहिए, शर्म आनी चाहिए।”

“जीवित रहते भी प्रताड़ित किया और अब चरित्र हनन कर रहीं”

मेजर हर्षित शर्मा ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द और गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि ससुराल पक्ष अब एक मृत महिला के चरित्र हनन पर उतर आया है, जो आज अपना बचाव करने के लिए इस दुनिया में मौजूद नहीं है।

उन्होंने कहा, “यह सोचना भी परे है कि कोई व्यक्ति किसी मृत आत्मा के प्रति इतना क्रूर कैसे हो सकता है। जब ट्विशा जीवित थीं, तब उनकी सास गिरिबाला सिंह ने प्रताड़ना का हर स्तर पार कर दिया था। और अब, मौत के बाद भी वे उन पर कीचड़ उछाल रही हैं।” मेजर शर्मा ने आरोप लगाया कि पूर्व जज अपनी ताकत, रसूख और न्याय प्रणाली के अनुभवों का खुल्लमखुल्ला दुरुपयोग कर रही हैं।

कानूनी मर्यादा भूलने का लगाया आरोप

पूर्व जज गिरिबाला सिंह को उनके कानूनी दायित्वों की याद दिलाते हुए सेना के अधिकारी ने कहा, “मैं पूर्व जज को जमानत के नियमों की याद दिलाना चाहता हूं। उन्हें जांच में दखल देने या मेरी मृत बहन पर झूठे लांछन लगाने का कोई अधिकार नहीं है। ये अपमानजनक टिप्पणियां सिर्फ इसलिए की जा रही हैं ताकि आम जनता और जांच एजेंसियों का ध्यान मुख्य मामले से भटकाया जा सके।”

उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि जो महिला सालों तक अदालतों में बैठ कर लोगों को कानून का पाठ पढ़ाती रही और फैसले सुनाती रही, वह आज खुद कानून और मानवता की सभी मर्यादाओं को ताक पर रख चुकी हैं।

रसूख के दम पर जांच प्रभावित करने और सबूत मिटाने की कोशिश

मेजर हर्षित शर्मा ने पूर्व जज को मिली जमानत पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सवाल उठाया कि जमानत मिलने के बाद वे इस तरह के आपत्तिजनक कृत्य कैसे कर सकती हैं और उनके खिलाफ अब तक कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया गया?

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपने जीजा समर्थ सिंह के रसूख का डर है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “यह डर नहीं, बल्कि एक कड़वा ‘तथ्य’ है। ससुराल वालों ने अपने ऊंचे संपर्कों का इस्तेमाल कर जांच को पूरी तरह से दूषित कर दिया है। एक या दो चीजें संयोग हो सकती हैं, लेकिन जब सिलसिलेवार ढंग से ‘संयोग’ होने लगें, तो साफ हो जाता है कि यह सबूतों को मिटाने और मामले को रफा-दफा करने की साजिश है।”

“पिछड़ी मानसिकता के आगे हम झुकेंगे नहीं, इंसाफ लेकर रहेंगे”

मेजर शर्मा ने अपनी बहन की सास की मानसिकता को ‘बेहद पिछड़ी और दकियानूसी’ करार दिया। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो वह (गिरिबाला सिंह) जो कुछ भी कह रही हैं, मुझे उसकी रत्ती भर भी परवाह नहीं है। उनका बर्ताव किसी कोने में फंसे हिंसक जानवर जैसा हो गया है, जो बचने के लिए छटपटा रहा हो। वह आगे भी ध्यान भटकाने के लिए ऐसी घिनौनी टिप्पणियां कर सकती हैं, लेकिन हम डिगने वाले नहीं हैं। हमारा पूरा ध्यान अपनी बहन को इंसाफ दिलाने की इस लड़ाई पर केंद्रित है।”

गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने हाल ही में ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से कराने की सिफारिश करते हुए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। वहीं, मृतका के पिता ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोपी सास को उनके पद से हटाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Back to top button