
UP News: आजादी की खुशियां बदलीं मातम में, स्कूल का छज्जा गिरने से एक मासूम की मौत; 2 घायल
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पड़ोस के बच्चे भी स्कूल में कार्यक्रम देखने आए थे। इसी दौरान मुख्य गेट के पास का छज्जा भरभराकर गिर गया। इसके नीचे दबकर एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई।
UP News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। गुरुवार को एक स्कूल में 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान अचानक मुख्य गेट के पास का छज्जा (बालकनी) भरभराकर नीचे गिर गया। इस भीषण हादसे में एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई और उत्सव का माहौल मातम में तब्दील हो गया।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
यह हृदयविदारक घटना संभल जिले के मदाला फतेहपुर गांव स्थित ‘अल हसनैन पब्लिक स्कूल’ की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में ध्वजारोहण के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे थे। स्कूली बच्चों के साथ-साथ आस-पड़ोस के लोग और बच्चे भी इस कार्यक्रम को देखने के लिए वहां जुटे थे।
कार्यक्रम देखने के उत्साह में कुछ बच्चे मुख्य गेट पर बने छज्जे के ऊपर चढ़ गए। बच्चों के वजन के कारण छज्जा भार सहन नहीं कर पाया और अचानक तेज आवाज के साथ भरभराकर नीचे आ गिरा।
मलबे में दबने से मासूम ने गंवाई जान
छज्जा गिरने से उसके नीचे और ऊपर मौजूद तीन बच्चे मलबे में दब गए। मौके पर मची अफरा-तफरी के बीच लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में 8 साल के मासूम निजाम की दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं, 10 वर्षीय शैफली और 11 वर्षीय सैफ इस घटना में घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
डीएम और एसपी ने किया घटनास्थल का मुआयना
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिले के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके समुचित इलाज के लिए डॉक्टरों को कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जिस दिन पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी दिन एक परिवार ने अपने मासूम बेटे को खो दिया।





