“हम नहीं भूलेंगे”… पहलगाम हमले की बरसी पर भारत का पाकिस्तान को कड़ा संदेश

Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर भारत ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ अपना सख्त रुख दोहराते हुए पाकिस्तान को तीखा संदेश दिया है। एक तरफ पाकिस्तान खुद को पश्चिम एशिया संकट में शांति स्थापित कराने वाला देश दिखाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत का आरोप है कि वह आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी पुरानी नीतियों से बाज नहीं आ रहा।

भारत सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देश कभी नहीं भूलेगा। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।

विदेश मंत्रालय का कड़ा संदेश
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि भारत आतंकवाद के पीड़ितों को कभी नहीं भूलेगा और दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता कायम है।

इस संदेश को पाकिस्तान के लिए सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि Pakistan अपनी धरती से संचालित आतंकी नेटवर्कों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है।


सिंधु जल संधि को लेकर बढ़ी आशंकाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है। इसी बीच सिंधु जल संधि को लेकर भी नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारत में कई रणनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद और कूटनीतिक दबाव के बीच जल मुद्दे को भी भावनात्मक और राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकता है।

Indus Waters Treaty भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई थी, जिसे विश्व बैंक की मध्यस्थता में लागू किया गया था। यह संधि दशकों से दोनों देशों के बीच जल बंटवारे का आधार रही है, लेकिन आतंकवादी घटनाओं के बाद कई बार इस पर तनाव बढ़ चुका है।

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पाकिस्तान की ‘शांतिदूत’ छवि पर सवाल
हाल के दिनों में पाकिस्तान ने Iran और United States के बीच वार्ता कराने की कोशिशों में खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश किया है। हालांकि भारत में कई विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान की “छवि सुधार रणनीति” मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक पाकिस्तान की शांति पहल पर सवाल उठते रहेंगे।

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पहलगाम हमले की याद आज भी ताजा
पहलगाम हमला देश के उन आतंकी हमलों में शामिल है जिसने सुरक्षा व्यवस्था और सीमा पार आतंकवाद को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। बरसी के मौके पर देशभर में मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया गया।

भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ उसकी नीति में कोई नरमी नहीं होगी। “हम नहीं भूलेंगे” का संदेश सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थायी नीति का संकेत माना जा रहा है।

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