
मौत से पहले क्या हुआ था? डॉक्टर के बयान ने साध्वी केस में खड़े किए नए सवाल
Rajasthan News: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला दिन-प्रतिदिन और पेचीदा होता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है, लेकिन अब तक मौत के असली कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है और अब तक 10 से 11 लोगों से गहन पूछताछ की जा चुकी है।
एसआईटी अधिकारी छवि शर्मा के नेतृत्व में चल रही जांच में साध्वी के निजी जीवन, स्वास्थ्य, दिनचर्या और उनके संपर्क में रहे लोगों से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हर छोटे-बड़े तथ्य को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी अहम कड़ी को नजरअंदाज न किया जाए।
डॉक्टर के बयान ने चौंकाया
इस पूरे मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब साध्वी को आखिरी बार देखने वाले प्रेक्षा अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार जैन मीडिया के सामने आए। डॉक्टर जैन ने अपने बयान में उन तमाम अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें उनके द्वारा साध्वी के इलाज या किसी दवा अथवा इंजेक्शन की बात कही जा रही थी।
डॉक्टर जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले छह महीनों से उन्होंने साध्वी प्रेम बाईसा का न तो कोई चेक-अप किया था और न ही कोई दवा लिखी थी। उन्होंने बताया कि जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन साध्वी को अस्पताल में बेहद गंभीर हालत में लाया गया था। उनकी स्थिति ‘कॉलेप्स’ यानी अचेत अवस्था जैसी थी।
डॉक्टर के मुताबिक,
“मैंने पिछले छह महीनों से साध्वी जी का कोई उपचार नहीं किया था। घटना के दिन उन्हें अत्यंत गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। पुलिस ने मुझसे पूछताछ की है और मैंने जांच टीम को पूरी सच्चाई बता दी है।”
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अफवाहों पर लगाया विराम
डॉक्टर जैन ने यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया और कुछ हलकों में फैल रही उन अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि उन्होंने किसी विशेष दवा या इंजेक्शन की सलाह दी थी। डॉक्टर के इस बयान के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान अब अन्य पहलुओं पर और अधिक केंद्रित हो गया है।
परिवार के संदेह और पुलिस की पड़ताल
साध्वी के पिता द्वारा पहले ही मौत को लेकर गंभीर संदेह जताया गया था। उनके द्वारा दी गई जानकारी और आशंकाओं को आधार बनाकर पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि साध्वी की तबीयत अचानक कैसे बिगड़ी, उस समय उनके साथ कौन-कौन मौजूद था और अस्पताल पहुंचने से पहले क्या-क्या घटनाक्रम हुआ।
इसके साथ ही, जिस अस्पताल में साध्वी को ले जाया गया था, वहां के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, स्टाफ के बयान और मेडिकल दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। अलग-अलग संदिग्धों और संभावित चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और आने वाले दिनों में पूछताछ का दायरा और बढ़ सकता है।
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जांच जारी, कई सवाल अब भी अनुत्तरित
फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत कई सवाल छोड़ रही है—
- छह महीनों से इलाज न होने की स्थिति में उनकी तबीयत कैसी थी?
- अचानक ‘कॉलेप्स’ होने की असली वजह क्या रही?
- क्या यह प्राकृतिक मौत है या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है?
इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने में एसआईटी जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता के साथ की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
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