
कौन हैं ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ IPS अजय पाल शर्मा? TMC नेता को चेतावनी से मचा सियासी घमासान
पश्चिम बंगाल: आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। यूपी कैडर के 2011 बैच के इस अधिकारी को West Bengal Legislative Assembly Election 2026 के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया गया है।
पश्चिम बंगाल: वायरल वीडियो से बढ़ा सियासी तापमान
वीडियो में अजय पाल शर्मा, तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े एक स्थानीय नेता को सख्त लहजे में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि वे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां मतदाताओं पर दबाव बनाने की शिकायतें मिली थीं।
👉 उन्होंने साफ कहा:
“अगर दोबारा डराने-धमकाने की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।”
‘लोगों को धमकाया तो कायदे से खबर लेंगे’ यूपी के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा ने TMC के उम्मीदवार जहांगीर खान को दी चेतावनी ! @DripsAjaypal @Uppolice @myogiadityanath @BJP4India @AITCofficial pic.twitter.com/Kawira55d0
— Journalist Ravendra kumar (@Chhotukingoffi1) April 27, 2026
कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा?
- 2011 बैच, यूपी कैडर IPS अधिकारी
- ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और ‘सिंघम’ के नाम से चर्चित
- मूल रूप से लुधियाना के निवासी
- पहले पेशे से डॉक्टर, बाद में सिविल सेवा में चयन
- नोएडा, शामली, जौनपुर, रामपुर जैसे जिलों में तैनाती
- वर्तमान में प्रयागराज में ज्वाइंट CP
संवेदनशील इलाके में तैनाती
दक्षिण 24 परगना, जिसे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है, वहां उनकी तैनाती ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
चुनाव आयोग ने उन्हें संवेदनशील क्षेत्रों में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
इस मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि इस तरह की तैनाती राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हो सकती है।
वहीं, दूसरी ओर कई लोग इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त प्रशासनिक कदम मान रहे हैं।
निष्पक्ष चुनाव पर फोकस
चुनाव आयोग की कोशिश है कि संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए निष्पक्ष मतदान कराया जाए। ऐसे में अजय पाल शर्मा का सख्त रवैया चर्चा का विषय बना हुआ है।





