रूस से व्यापार करने वाले देशों पर सौ फीसद लगाएंगे टैरिफ:ट्रंप

 

USA, Russia, Iran,Tariff: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने वाले एक बड़े विधेयक को मंजूरी दे दी। 262 सांसदों ने इसके पक्ष में और 159 ने विरोध में मतदान किया। 61 पन्नों वाले इस विधेयक को अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है। यह विधेयक पिछले महीने अमेरिकी सीनेट में भी 86-11 वोटों से पारित हो चुका है। इसका नाम लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 रखा गया है। यह नाम जुलाई में अप्रत्याशित रूप से दिवंगत हुए सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सम्मान में रखा गया है, जो रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के प्रमुख समर्थकों में रहे थे।

रूस के खिलाफ इस विधेयक में क्या प्रावधान है?

विधेयक का सबसे अहम निशाना रूस का ऊर्जा क्षेत्र है। इसका मकसद रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े देशों पर आर्थिक दबाव बनाकर उसकी ऊर्जा से होने वाली कमाई घटाना है। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले तीसरे देशों के सामान पर शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। इनमें चीन और भारत जैसे देश भी प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों का घोषित उद्देश्य रूस की उन आय के स्रोतों को कम करना है, जिनसे यूक्रेन के खिलाफ 2022 से जारी युद्ध को फंड किया जा रहा है।

राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदने वाले तीसरे देशों पर 100 फीसदी तक शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है।सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, यह प्रावधान 2025 के विधेयक में प्रस्तावित 500 फीसदी शुल्क के मुकाबले अधिक सीमित है। रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 फीसदी से कम आयात करने वाले और रूसी ऊर्जा पर निर्भरता घटाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने वाले देशों के लिए छूट का प्रावधान है।

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