
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटा,गुबार से कई उड़ानें ठप्प
ज्वालामुखी से निकली घनी राख, जकार्ता के दोनों प्रमुख हवाईअड्डे बंद
जकार्ता। राजधानी जकार्ता से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित अनाक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी में अचानक तेज विस्फोट शुरू हुआ। इंडोनेशिया के कुख्यात ‘अनाक क्राकाटाऊ’ (Anak Krakatau) ज्वालामुखी में हुए भीषण विस्फोट के बाद देश का विमानन क्षेत्र पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ज्वालामुखी से निकली घनी राख और लावे के गुबार के चलते करीब 3,000 उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिसके कारण दूसरे दिन भी प्रमुख हवाईअड्डों का संचालन ठप रहा। इस अप्रत्याशित संकट के चलते देश-विदेश के तीन लाख 40 हजार से अधिक यात्री विभिन्न हवाईअड्डों पर फंसे हुए हैं। ज्वालामुखी के मुहाने से भयंकर लावे के फव्वारे फूट पड़े और आसमान में मीलों ऊंची राख की मोटी चादर फैल गई। यह खतरनाक राख राजधानी जकार्ता और पास के लाम्पुंग प्रांत के हवाई क्षेत्र तक पहुंच गई।जेट इंजनों के लिए ज्वालामुखी की राख बेहद घातक मानी जाती है, जिसके मद्देनजर विमानन अधिकारियों ने उड़ानों को तुरंत रोकने का फैसला लिया। जकार्ता के दोनों प्रमुख हवाईअड्डे बंद, आधी रात तक टला संचालनराख के घने असर को देखते हुए अधिकारियों को हवाईअड्डे खोलने का फैसला बार-बार टालना पड़ा है। राजधानी के सबसे व्यस्त सोएकार्नो-हट्टा एयरपोर्ट को स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे फिर से संचालित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन एयरस्पेस में विजिबिलिटी कम होने और हवा में तैरती राख के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। एयरपोर्ट प्रबंधन के आधिकारिक बयान के अनुसार, अब उड़ानें सोमवार रात करीब 12 बजे से चरणबद्ध तरीके से बहाल करने की तैयारी है।





