नेपाल प्रलय में अब तक 1225 मरे,10 मानसरोवर यात्री लापता

ठाणे के परिजनों को अभी तक उम्मीद

दिल्ली। नेपाल-चीन सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के ठाणे जिले के 10 कैलाश मानसरोवर यात्री अब तक लापता हैं। परिवार लगातार उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं, लेकिन प्रभावित इलाके में संचार व्यवस्था ठप होने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। बाढ़ के दौरान तिमुरे स्थित चीनी इमिग्रेशन चेकपॉइंट के पास भारी तबाही हुई थी। इस घटना में स्थानीय संचार ढांचा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद लापता यात्रियों से संपर्क नहीं हो सका। ठाणे से यात्रा पर गए दो पर्यटकों के सुरक्षित घर लौटने की जानकारी है।

अब तक जिले के डोंबिवली निवासी प्रकाश शांताराम माने और उनकी पत्नी प्रतिभा ही सुरक्षित वापस लौटे हैं। बाकी 10 यात्रियों के परिजन लगातार प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर उन्हें तलाशने की अपील कर रहे हैं। लापता यात्रियों में सतीश विनायक पाटणकर और उनकी पत्नी रेखा पाटणकर भी शामिल हैं। सतीश के भाई संजय पाटणकर ने बताया कि बाढ़ आने के बाद से परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अनुसार लापता यात्रियों में समीर मुकुंद जोशी, अपर्णा समीर जोशी, सुनील सुदर्शन सुभेदार, संजय राजमल पाटिल, नलिनी संजय पाटिल, रजनीश रघुनाथ नातू, यशस भंड और अभिषेक घोने शामिल हैं। इनके अलावा सतीश और रेखा पाटणकर भी लापता हैं। ठाणे जिला प्रशासन ने बताया कि लापता यात्रियों का पता लगाने के लिए नेपाल में आपदा राहत दलों और टूर ऑपरेटरों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

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