श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में CEO पद का इंटरव्यू शुरू

वित्तीय अनियमितता के बाद लिया गया फैसला

“कट्टर हिंदू” हो या सिर्फ आस्था रखते हो 

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए मंगलवार, 11 अगस्त को इंटरव्यू शुरू हुए। पहले दिन तीन पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी, एक पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी और चार पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल हुए। उम्मीदवारों से उनके धार्मिक रीति-रिवाजों और राम मंदिर के लिए उनके दृष्टिकोण पर सवाल पूछे गए। यह नियुक्ति राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी के बाद ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की जांच के मद्देनजर की जा रही है। इंटरव्यू 40 से 50 मिनट तक चले। इनमें भगवान राम और हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों में उम्मीदवारों की आस्था पर प्रश्न पूछे गए। उम्मीदवारों से पूछा गया कि क्या वे चोटी रखते हैं, जनेऊ पहनते हैं और पूरी तरह शाकाहारी हैं या मांसाहारी।
विदित हो की शॉर्टलिस्ट किए गए सभी 18 उम्मीदवार सोमवार रात अयोध्या पहुंचे थे। ट्रस्ट के निर्देशानुसार वे मंदिर शहर में अलग-अलग स्थानों पर रुके। मंगलवार को इंटरव्यू देने वालों में पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय और जौनपुर के पूर्व जिलाधिकारी दिनेश चंद्र शामिल थे।  अयोध्या के पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा और समीर पांड्या भी इस दौड़ में हैं। उम्मीदवारों को पूरे मंदिर परिसर का दौरा कराने के बाद इंटरव्यू ‘ग्रीन हाउस’ में बंद दरवाजों के पीछे हुए। उन्हें मीडिया से बात न करने का निर्देश दिया गया है। 

हिन्दू उम्मीदवारों से हुए सनातनी प्रश्न

क्या वे शराब पीते हैं और क्या वे “कट्टर हिंदू” हैं या सिर्फ आस्था रखने वाले। हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कपड़े पहनने के बारे में भी सवाल किए गए। उनकी नेतृत्व क्षमता, धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी पर भी चर्चा हुई। राम मंदिर के लिए उनके दृष्टिकोण और कार्य योजना के बारे में भी जानकारी ली गई। कुल 5,200 आवेदकों में से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। पहले दिन केवल आठ उम्मीदवारों का इंटरव्यू हुआ। इंटरव्यू प्रक्रिया अब चार और दिन चलने की उम्मीद है, जबकि पहले इसे दो दिन का तय किया गया था।

 18 आवेदकों में से तीन नामों का होगा चयन

स्क्रीनिंग के लिए तीन सदस्यों वाली चयन समिति सोमवार रात अयोध्या पहुंची। इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी (रिटायर्ड) और सुरेश हवारे शामिल हैं। समिति 18 आवेदकों में से तीन नामों का चयन करेगी। इन तीन नामों पर ट्रस्ट अंतिम फैसला लेगा। 18 उम्मीदवारों में दक्षिण भारत के मंदिरों के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हैं। इंटरव्यू के बाद उम्मीदवारों को नई दिल्ली के लिए उड़ान पकड़ने के लिए अयोध्या हवाई अड्डे वापस ले जाया जाएगा।
गौरतलब है कि ट्रस्ट ने दान में कथित हेराफेरी के मामले के बाद पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया है। राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी के आरोपों के कारण ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की जांच चल रही है। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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