
भारत ने UN को चेताया: संघर्ष न रुका तो होगा खाद्य संकट
मानवीय संकट कम करना ही पहली प्राथमिकता
‘संघर्षों का असर सिर्फ़ रणभूमि तक नहीं’
संयुक्त राष्ट्र । भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से संघर्षों के कारण पैदा होने वाले मानवीय संकट को कम करने को अपनी पहली प्राथमिकता बनाने की अपील की है। भारत ने चेताया कि ऊर्जा, उर्वरक, समुद्री परिवहन और कृषि व्यापार में रुकावटें वैश्विक खाद्य सुरक्षा को प्रभावित कर रही हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर आयात पर निर्भर विकासशील देशों पर पड़ रहा है। भारत का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संघर्षों से पैदा होने वाले मानवीय संकट को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी संघर्षों से खाद्य सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यूक्रेन, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर से जुड़ी परिस्थितियों को खाद्य आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सुरक्षित समुद्री कॉरिडोर और जहाजों के सत्यापन की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है।
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश नेकहा कि आजकल के संघर्षों का असर केवल लड़ाई वाली जगहों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दूर-दूर तक फैलता है। ऊर्जा बाजार, उर्वरक की आपूर्ति, समुद्री परिवहन, मानवीय सहायता पहुंचाने की व्यवस्था और कृषि व्यापार में रुकावटों ने दिखाया है कि क्षेत्रीय संघर्ष किस तरह दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।





