
…जब थर्रा उठी अफगानिस्तान की धरती, 4.1 तीव्रता का आया भूकंप
काबुल। अफगानिस्तान में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी यानी NCS के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई। भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह पांच बजकर 36 मिनट 23 सेकंड पर आया। NCS के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 130 किलोमीटर की गहराई में था। इसका लोकेशन 36.114 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.820 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। अफ़गानिस्तान के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र फ़ैज़ाबाद के पास हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र में ज़मीन से लगभग 130 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। गहराई अधिक होने के कारण झटके तुलनात्मक रूप से हल्के रहे और अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या बड़ी क्षति की सूचना नहीं मिली है। तीव्रता व समय: भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 दर्ज की गई, जो भारतीय समयानुसार तड़के लगभग 4:36 बजे आया।
भूकंप का केंद्र अफ़गानिस्तान के फ़ैज़ाबाद से लगभग 112 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व (SSE) में दर्ज किया गया। इसका हाइपोसेंटर (केंद्र की गहराई) 130 किलोमीटर नीचे था।
प्राथमिक सूचनाओं के अनुसार, किसी इमारत के ढहने या हताहत होने की कोई खबर नहीं है। अधिक गहराई पर आने वाले झटकों का सतही प्रभाव अपेक्षाकृत कम विनाशकारी होता है।
अफ़गानिस्तान का भौगोलिक क्षेत्र सिस्मिक ज़ोन (भूकंपीय दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र) के अंतर्गत आता है। टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव: यह इलाका भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन स्थल पर स्थित है। प्लेटों के निरंतर घर्षण और दबाव के कारण हिंदूकुश और पामीर पर्वतमाला में अक्सर छोटे और मध्यम तीव्रता के झटके आते रहते हैं।





