DISHA की बैठक में कंगना रनौत का पारा हाई, बीच मीटिंग में भड़कीं BJP सांसद…

Mandi MP Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश की मंडी संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत का एक सख्त रुख सामने आया है। जिला मुख्यालय मंडी में आयोजित DISHA की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कंगना ने विकास कार्यों में हो रही देरी और सांसद निधि (MPLADS Fund) का पूरा इस्तेमाल न होने पर प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बैठक के वीडियो में सांसद कंगना रनौत ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि उन्हें खोखले दावों और कागजी ‘जुमलों’ से बहलाने की कोशिश न की जाए, बल्कि धरातल पर काम करके दिखाया जाए।

‘इतनी निठल्ली हूं कि मैं क्या जवाब दूं?’

कंगना रनौत ने बैठक के दौरान आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए लगभग 11 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, लेकिन प्रशासनिक ढिलाई के कारण इसमें से एक बड़ा हिस्सा अनयूज्ड पड़ा हुआ है। मंडी में सांसद निधि का बहुत कम हिस्सा ही धरातल पर खर्च हो पाया है।

उन्होंने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स (BDO) और संबंधित विभागीय अधिकारियों से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि बैठक दर बैठक उन्हें यही आश्वासन दिया जाता है कि कोई अड़चन नहीं है और 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि हकीकत में आंकड़े कुछ और ही बयां कर रहे हैं।

पैसा गलत हाथों में फंसने का आरोप

बैठक में सांसद ने विकास कार्यों में हो रहे फर्जीवाड़े और अनियमिताओं पर भी गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लगभग 30 से 40 प्रतिशत पैसा ऐसे लोगों या एजेंसियों के पास अटका हुआ है, जो बिना जमीन और एनओसी की औपचारिकताएं पूरी किए कागजी आधार पर राशि ले जाते हैं और वर्षों तक काम शुरू नहीं करते।

कंगना ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जो एजेंसियां तय समयसीमा में काम शुरू नहीं करतीं, उनसे तुरंत धनराशि वापस वसूली जाए और उन्हें हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाए। बिना मंजूरी या एनओसी के फंड जारी करने की परिपाटी पर तुरंत रोक लगाई जाए।

‘अधिकारी मुझसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं’

अधिकारियों द्वारा लगातार दिए जा रहे बहानों पर तंज कसते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने कहा कि “अधिकारी तो मुझसे भी बेहतर एक्टिंग कर लेते हैं।” उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासनिक लापवाही की वजह से राष्ट्रीय मीडिया में उनके काम का मजाक उड़ाया जाता है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि समीक्षा बैठकों का दौर खत्म हो चुका है और अगली बैठक तक उन्हें सभी लंबित परियोजनाओं पर ग्राउंड रिपोर्ट और एक्शन प्लान चाहिए।

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