
Nepal में सुशीला कार्की बनीं पहली महिला प्रधानमंत्री, जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य
Nepal News: नेपाल में राजनीतिक संकट समाप्त हो गया है और देश में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है। सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने देश में नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत की है।
सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ हुए देशव्यापी प्रदर्शन और ‘जेन-जी’ आंदोलन के दबाव में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इस आंदोलन में देश के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतरे और हिंसक प्रदर्शन हुए। नेपाल पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान कम से कम 50 लोगों की मौत हुई।
प्रदर्शन और हिंसा के चलते काठमांडू और अन्य क्षेत्रों में कर्फ्यू और प्रतिबंध लगाए गए थे। हालांकि, सुशीला कार्की के अंतरिम प्रधानमंत्री बनने के एक दिन बाद ही ये प्रतिबंध हटा दिए गए। नेपाल सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल कोई कर्फ्यू नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिए सेना की उपस्थिति कुछ और दिनों तक बनी रह सकती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी पौडेल ने पुष्टि की है कि सुशीला कार्की की अंतरिम सरकार आगामी 6 महीनों के भीतर नए संसदीय चुनाव कराने की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके साथ ही संसद को भंग कर दिया गया है।
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सुशीला कार्की का प्रधानमंत्री बनना नेपाल के लिए ऐतिहासिक पल है, क्योंकि वे देश की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। उनका नेतृत्व देश में राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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नेपाल में इस बदलाव के बाद धीरे-धीरे व्यापार, शिक्षा और दैनिक जीवन सामान्य होने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा नेताओं के नेतृत्व में यह आंदोलन देश में राजनीतिक जागरूकता और नागरिक अधिकारों के प्रति लोगों की संवेदनशीलता को भी बढ़ावा देगा।
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