
पाकिस्तान में इमरान खान और सेना प्रमुख के बीच टकराव पर सियासी हलचल
Pakistan news: पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर अपने परिवार को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
इमरान खान ने जेल से जारी अपने संदेश में कहा कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ सभी अत्याचार सेना प्रमुख के आदेश पर हो रहे हैं और देश फिलहाल “आसिम कानून” के तहत चल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र से अपील
इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की कानूनी टीम ने संयुक्त राष्ट्र के स्पेशल रैपोर्टेयर ऑन टॉर्चर, डॉ. एलिस जे. एडवर्ड्स के समक्ष औपचारिक अपील दाखिल की है। पीटीआई नेता सैयद जुल्फीकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम खान ने अपने पिता के लिए अपील की है, जबकि बुशरा बीबी के लिए अपील उनकी बहन मरियम वट्टू ने की है।
बुशरा बीबी पर आरोप और सजा
पूर्व प्रथम महिला बुशरा बीबी को राजनीति से प्रेरित आरोपों में सात साल की सजा सुनाई गई है। पीटीआई का आरोप है कि उन्हें कैद में यातना और अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्हें दूषित खाना दिया जा रहा है, गंदी और अस्वास्थ्यकर कोठरी में रखा गया है, चिकित्सा सुविधा से वंचित किया गया है और लंबे समय तक एकांतवास में रखा जा रहा है। यह सब इमरान खान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा बताया गया है।
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वकील का बयान
इमरान खान के अंतरराष्ट्रीय वकील जेरेड जेनसर ने कहा कि यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत असहनीय है। उन्होंने कहा कि न केवल यातना और दुर्व्यवहार अस्वीकार्य है बल्कि इमरान खान और बुशरा बीबी की गिरफ्तारी ही अवैध है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है ताकि उनकी रिहाई सुनिश्चित की जा सके।
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राजनीतिक प्रतिक्रिया और असर
पीटीआई नेताओं ने दावा किया कि पाकिस्तान के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक कैदी की पत्नी को केवल उसका हौसला तोड़ने के लिए जेल में डाला गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पूरा देश इमरान खान के साथ खड़ा है और वह कभी हार नहीं मानेंगे।
इमरान खान और सेना के बीच बढ़ता यह तनाव पाकिस्तान की राजनीति में गहरे संकट की ओर इशारा करता है। यह मामला न केवल घरेलू राजनीति बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की छवि और संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
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