एसटीएफ का बड़ा एक्शन, धोखाधड़ी मामले में बैंक मैनेजर समेत गैंग के चार सदस्य अरेस्ट

Lucknow crime news: यूपी एसटीएफ ने धोखाधड़ी करने वाले चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. सभी अभियुक्त कूट रचित दस्तावेज तैयार कर बैंककर्मियों की आईडी अनधिकृत तरीके से लॉगिन कर मुद्रा लोन, ऑटो लोन के जरिए साइबर फ्रॉड कर बैंकों से धोखाधड़ी करते थे.

इस गैंग का लीडर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का मैनेजर है. एसटीएफ ने अभियुक्तों के पास से 5 मोबाइल, 1 डेस्कटॉप, बीएमडब्ल्यू, सुजुकी बलेनो, सुजुकी फ्रांस, महिंद्रा सुप्रो कार बरामद की है.

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के अनुसार थाना हजरतगंज स्थित इनकम टैक्स कॉलोनी निवासी राजबहादुर गुरुंग को रुपयों की आवश्यकता थी. जिसके लिए उन्होंने अपने परिचित इंद्रजीत सिंह से संपर्क किया. इंद्रजीत सिंह ने अपने मित्र नावेद हसन का हवाला देकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा जानकीपुरम ब्रांच के मैनेजर गौरव सिंह से परिचित लोन दिलवाने की बात कही.

इंद्रजीत के कहने पर राज बहादुर गुरुंग ने अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड नावेद के व्हाट्सएप पर भेज दिया. लगभग 15 दिन बाद इंद्रजीत सिंह राज बहादुर गुरु को लेकर यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा जानकीपुरम गौरव सिंह के केबिन गया. वहां एक फाइल पर राज बहादुर गुरुंग से हस्ताक्षर करा लिए. करीब पांच महीने बाद राजबहादुर ने लोन के बारे में नावेद हसन से पूछा तो उसने बताया कि लोन नहीं हुआ है. इसके कुछ दिन बाद राज बहादुर के मोबाइल पर ईएमआई ड्यू होने का मैसेज आया.

राज बहादुर ने अपना सिविल स्कोर निकलवाया तो पता चला कि उसके नाम पर दो लोन स्वीकृत हुए हैं. जिसमें एक मुद्रा लोन 9 लाख 80 हजार तथा दूसरा कार लोन 15 लाख का जानकीपुरम शाखा यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया से स्वीकृत हुआ है. उपरोक्त प्रकरण पर जांच करने के बाद शनिवार देर शाम एसटीएफ की टीम द्वारा थाना सुशांत गोल्फ सिटी स्थित न्यू हजरतगंज अपार्टमेंट ओमेक्स सिटी से चारों अभियुक्तो को गिरफ्तार कर लिया गया.

अभियुक्त नावेद हसन ने बताया कि चारों लोग एक टीम की तरह कार्य करते हैं. इंद्रजीत लोगों को जाल में फंसा कर अखिलेश तिवारी अथवा मेरे पास लाता है. हम लोग कस्टमर को लेकर बैंक मैनेजर के पास जाते हैं. जहां पर कस्टमर से हम लोग पहले ही विड्रोल फॉर्म भरा कर रख लेते हैं. साथ ही उनके फार्म में मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी अपनी लगा देते हैं. जिससे जब पैसा निकलता है तो उसका मैसेज हम लोगों के पास ही आता है. हम लोगों ने 20 से अधिक मुद्रा लोन तथा ऑटो लोन वह पर्सनल लोन करा कर धोखाधड़ी की है.

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