
नेपाल में बीमा कंपनियों की आफत, आंदोलन के नुकसान के दावों ने तोड़ा भूकंप का रिकॉर्ड
Nepal Insurance Claim Record: हाल ही में नेपाल में हुए जेन-ज़ी आंदोलन के दौरान हुई व्यापक तोड़फोड़ और आगजनी ने देश की बीमा कंपनियों पर अभूतपूर्व दबाव डाल दिया है। नेपाल बीमा प्राधिकरण (Nepal Insurance Authority) द्वारा जारी ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक, 16 सितंबर 2025 तक गैर-जीवन बीमा कंपनियों को कुल 1,984 दावे प्राप्त हो चुके हैं।
इन दावों की अनुमानित राशि लगभग 21 अरब नेपाली रुपए आँकी गई है, जो नेपाल के बीमा इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा दावा है।
2015 के भूकंप का रिकॉर्ड टूटा:
इससे पहले 2015 के विनाशकारी भूकंप के समय बीमा कंपनियों को लगभग 16.5 अरब नेपाली रुपए के दावों का सामना करना पड़ा था। लेकिन मौजूदा संकट ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि नुकसान का आकलन अभी जारी है, और जैसे-जैसे वास्तविक स्थिति सामने आएगी, दावों की संख्या और राशि दोनों और बढ़ सकती हैं।
होटल हिल्टन पर सबसे बड़ा दावा:
सबसे अधिक प्रभावित कंपनियों में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का नाम सामने आया है। इसे अकेले 40 मामलों में 5.14 अरब नेपाली रुपए तक के दावे मिले हैं। बताया जा रहा है कि इन दावों का बड़ा हिस्सा काठमांडू स्थित होटल हिल्टन से जुड़ा है, जिसे आंदोलन के दौरान गंभीर क्षति पहुँची।
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अन्य कंपनियाँ भी दबाव में:
ओरिएंटल इंश्योरेंस के अलावा, सिद्धार्थ प्रीमियर इंश्योरेंस, शिखर इंश्योरेंस, आईजीआई प्रूडेंशियल इंश्योरेंस और सागरमाथा-लुम्बिनी इंश्योरेंस भी उन कंपनियों में शामिल हैं जिन पर भारी वित्तीय दबाव बढ़ गया है।
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निजी क्षेत्र और अर्थव्यवस्था पर असर:
नेपाल उद्योग परिसंघ (CNI) ने कहा है कि कुछ बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने अकेले ही 60 अरब नेपाली रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया है। इतनी बड़ी क्षति ने न केवल बीमा क्षेत्र बल्कि पूरे निजी क्षेत्र और नेपाल की अर्थव्यवस्था को गंभीर चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट का असर आने वाले महीनों में बीमा प्रीमियम, कंपनियों की वित्तीय स्थिरता और निवेश माहौल पर भी पड़ सकता है। बीमा प्राधिकरण ने कहा है कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दावों की निष्पक्ष व त्वरित निपटान प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है।
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