
GST सुधार पर बोले PM Modi; किराने का सामान किफायती, निवेश और व्यापार को मिलेगा नई ऊर्जा
PM Modi on GST: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि नए जीएसटी सुधार केवल तकनीकी बदलाव नहीं हैं, बल्कि जीवन, व्यापार और निवेश में सुगमता को बढ़ाने वाले साहसिक कदम हैं। उन्होंने कहा कि ये सुधार रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों और पैकेजिंग पर टैक्स घटाकर किराने का सामान अधिक किफायती बनाएंगे और इससे एमएसएमई क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा और भारत की वैश्विक खाद्य प्रतिस्पर्धात्मकता में बढ़ोतरी होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा लिखे गए एक आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया। यह सुधार त्योहारी सीजन से ठीक पहले, 22 सितंबर से लागू होंगे और देशभर के बाजारों में बिकने वाली 90 प्रतिशत से ज्यादा वस्तुओं की कीमतों को कम करेंगे।
Union Minister Shri @iChiragPaswan writes that the latest GST reforms are not just technical changes but bold steps to enhance Ease of Living, Ease of Doing Business and Ease of Investing. By lowering rates on everyday foods and packaging, they make groceries more affordable,… https://t.co/n1PX4RqVol
— PMO India (@PMOIndia) September 19, 2025
किराने के बिल पर तुरंत असर
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने लेख में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में दिवाली तक जीएसटी के अगली पीढ़ी के सुधारों का वादा किया था। 22 सितंबर से लागू होने वाले इन सुधारों का असर सीधे लोगों के किराने के बिल पर नजर आएगा।
पासवान ने बताया कि –
- अल्ट्रा हाई टेम्परेचर (UHT) दूध, पैकेज्ड पनीर और सभी आम भारतीय ब्रेड पर जीएसटी अब 0 प्रतिशत होगा।
- बिस्कुट, नमकीन, नाश्ते के अनाज और कॉफी समेत अधिकांश प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर 5 प्रतिशत जीएसटी रखा गया है।
इसका उद्देश्य खाद्य पदार्थों को किफायती बनाना, टैक्स दरों में स्पष्टता और स्थिरता लाना है, ताकि उद्योग पैमाने और गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान दे सकें।
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परिवारों और उपभोक्ताओं को राहत
आर्टिकल के अनुसार, ये बदलाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब भारत का खाद्य क्षेत्र बढ़ती आय, शहरीकरण और स्वास्थ्य व सुविधा पसंद करने वाली युवा आबादी की वजह से तेज़ी से विस्तार कर रहा है।
- रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं पर 0 या 5 प्रतिशत टैक्स से परिवारों का मासिक खर्च घटेगा।
- लोगों को अब सफाई या पोषण से समझौता किए बिना ज्यादा बचत होगी।
प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं को आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप फोर्टिफाइड, रेडी-टू-कुक और रेडी-टू-ईट विकल्प भी और सस्ते में मिलने लगेंगे।
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किसानों और एमएसएमई को भी फायदा
जीएसटी में कटौती का असर सिर्फ उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों और छोटे व्यवसायों (MSME) तक भी पहुंचेगा।
- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों की उपज को सालभर खपत और पोषण से जोड़ता है।
- किफायती दरों पर प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ेगी, जिससे दूध, अनाज, फलों और मसालों की सालभर खरीद सुनिश्चित होगी।
- इससे बर्बादी कम होगी और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्ति मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधार भारत को न सिर्फ घरेलू स्तर पर उपभोक्ताओं और किसानों को राहत देंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूत करेंगे।
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