
Drishti IAS ने UPSC सेलेक्शन का किया था झूठा विज्ञापन, लगा 5 लाख का जुर्माना
Drishti IAS Coaching fined: सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ये भी बताया है कि भ्रामक विज्ञापनों को लेकर अब तक अलग-अलग कोचिंग संस्थानों को 54 नोटिस भेजे गए हैं. इनमें से 26 संस्थानों पर कुल 90.6 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा चुका है.
Drishti IAS Coaching fined: कोचिंग सेंटर के आसपास अक्सर बड़े-बड़े वादों वाले पोस्टर नजर आते हैं “सैकड़ों चयन, गारंटीड सफलता!” लेकिन हकीकत कुछ और ही निकलती है. यही वजह है कि अब उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने कोचिंग संस्थानों के ऐसे दावों पर सख्ती शुरू कर दी है. हाल ही में दृष्टि IAS पर जुर्माना लगाकर यह साफ संदेश दिया गया है कि छात्रों और अभिभावकों के भरोसे से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
मामला आइए विस्तार से जानते हैं
यूपीएससी की परीक्षा में स्टूडेंट्स से ज्यादा कंपटीशन उन्हें पढ़ाने वाले कोचिंग संस्थानों में होता है. इस कारोबार में ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स को अपनी ओर खींचने के लिए ‘सनसनीखेज’ विज्ञापन भी किए जाते हैं. हर कोचिंग सेंटर दावा करता है कि यूपीएससी की परीक्षा में उसके यहां पढ़ने वाले छात्र सबसे ज्यादा संख्या में सेलेक्ट हुए. कई बार ये सेंटर्स अपने दावों में लिमिट क्रॉस भी करते हैं।
साल 2022 के यूपीएससी एग्जाम का जब रिजल्ट आया तो दृष्टि IAS (VDK Eduventures Pvt. Ltd.) ने अपने सफल छात्रों के नाम और उनकी फोटो के साथ विज्ञापन छपवाए. इसमें बड़े अक्षरों में दावा किया गया कि संस्थान से 216 से ज्यादा छात्रों का चयन UPSC CSE 2022 में हुआ है. इसके साथ सफल उम्मीदवारों के नाम और फोटो भी विज्ञापन में प्रमुखता से छपे।
दोबारा पकड़ी गई गड़बड़ी
यह पहला मौका नहीं है जब दृष्टि IAS पर ऐसी कार्रवाई हुई हो. सितंबर 2024 में भी CCPA ने UPSC CSE 2021 के परिणामों को लेकर ‘150+ चयन’ के दावे पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. उस समय संस्थान ने 161 उम्मीदवारों की सूची सौंपी थी, जिसमें से 148 केवल IGP से जुड़े थे. इसके बावजूद संस्थान ने 2022 में दावा बढ़ाकर 216+ चयन कर दिया और फिर वही भ्रामक तरीका अपनाया. CCPA ने कहा कि यह दोहराया गया उल्लंघन उपभोक्ता संरक्षण नियमों की खुली अवहेलना है.





