
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी मामले में SC का केंद्र को नोटिस, जानें क्या कहा…
Sonam Wangchuk: अदालत ने केंद्र और लद्दाख से पूछा है कि सोनम वांगचुक को आखिर क्यों रिहा नहीं किया जाना चाहिए। सोनम वांगचुक की पत्नी का पक्ष सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने रखा।
Sonam Wangchuk:सुप्रीम कोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत उनकी नजरबंदी के खिलाफ और उनकी रिहाई की मांग वाली याचिका सुनवाई की। पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने 2 अक्टूबर को यह याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक की गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से की गई है। साथ ही, गिरफ्तारी से उनके मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। याचिका में उनकी तुरंत रिहाई की मांग की गई है।
कपिल सिब्बल ने कोर्ट में रखी दलीलें
सोनम वांगचुक की पत्नी की तरफ से मशहूर वकील कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं. सिब्बल ने कहा कि किसी भी कम्युनिकेशन का जवाब नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हम बस गिरफ्तारी का आधार जानना चाहते हैं. सरकार की ओर से एसजी तुषार मेहता ने दलीलें रखीं. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोनम की पत्नी को हिरासत आदेश जरूर मिलना चाहिए. कोर्ट ने हिरासत आदेश की कॉपी सोनम वांगचुक की पत्नी को देने का आदेश दिया. इसके साथ ही वांगचुक को जोधपुर जेल में मेडिकल सुविधा देने का निर्देश भी दिया.
14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी है। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि हिरासत के आधार परिवार को नहीं बताए गए हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हिरासत के आधार पहले ही बंदी को सौंपे जा चुके हैं, और वह उनकी पत्नी को आधार की एक प्रति दिए जाने की जांच करेंगे।
जोधपुर जेल में बंद हैं वांगचुक
वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था. इससे दो दिन पहले लद्दाख को राज्य का दर्जा देने एवं छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में केंद्र शासित प्रदेश में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हो गए थे. वांगचुक राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं.





