
भारतीय राजदूत क्वात्रा और पॉल कपूर ने की लगातार मुलाकातें, ट्रंप बोले—‘जल्द करूंगा भारत यात्रा’
US-India Relation: भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयास तेज हो गए हैं। वाशिंगटन में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री पॉल कपूर से मुलाकात की। यह उनकी चार दिनों में दूसरी बैठक थी।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के दक्षिण और मध्य एशिया विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि पॉल कपूर ने क्वात्रा के साथ भारत-अमेरिका साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की और दोनों देशों के बीच संवाद जारी रखने की इच्छा जताई। इससे पहले सोमवार को क्वात्रा ने अपने वाशिंगटन स्थित आवास पर कपूर की मेज़बानी की थी, जहां दोनों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सशक्त बनाने पर सार्थक बातचीत हुई थी।
दिलचस्प बात यह है कि यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की यात्रा करने की इच्छा जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “मित्र” बताते हुए कहा, “वह मेरे मित्र हैं और हम लगातार बात करते रहते हैं। उन्होंने मुझे भारत आने के लिए आमंत्रित किया है, और मैं वहाँ जाने की योजना बनाऊँगा। वह एक महान व्यक्ति हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या यह यात्रा अगले साल हो सकती है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “संभव है।” ट्रंप ने अपनी 2020 की भारत यात्रा को भी याद करते हुए उसे “शानदार अनुभव” बताया।
पॉल कपूर भारतीय मूल के अमेरिकी अधिकारी हैं, जिनका जन्म नई दिल्ली में हुआ था। वे 2020-21 के दौरान स्टेट डिपार्टमेंट में दक्षिण और मध्य एशिया, इंडो-पैसिफिक रणनीति और भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। अपनी नियुक्ति के समय उन्होंने कहा था कि उनका करियर अब “एक पूरा चक्र पूरा कर रहा है,” क्योंकि वे उस देश से दोबारा जुड़ रहे हैं जहां उनका जन्म हुआ था।
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कपूर ने पहले कहा था कि भारत और अमेरिका की कई साझा प्राथमिकताएं हैं—जैसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र और समावेशी व्यवस्था बनाए रखना, व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाना, और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करना। पाकिस्तान को लेकर उन्होंने कहा था कि जहां अमेरिकी हितों के अनुरूप होगा, वहां सुरक्षा सहयोग पर विचार किया जाएगा।
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स्टेट डिपार्टमेंट का दक्षिण और मध्य एशिया विभाग इस पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, आर्थिक विकास, आतंकवाद-रोधी रणनीति और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नीतियों को दिशा देने में प्रमुख भूमिका निभाता है। क्वात्रा और कपूर की ये लगातार बैठकें संकेत देती हैं कि आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका रिश्तों में और अधिक रणनीतिक गहराई और राजनीतिक तालमेल देखने को मिल सकता है।
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