
अहमदाबाद में बड़ा एक्शन, 918 अवैध मकानों पर चला बुलडोज़र
Ahmedabad News: अहमदाबाद में झीलों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। चंडोला झील पर की गई कार्रवाई के बाद अब नगर निगम ने इसनपुर झील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है।
सोमवार सुबह से ही झील क्षेत्र में 15 से अधिक जेसीबी मशीनें और भारी मशीनरी पहुंचाई गईं और 918 अवैध पक्के मकानों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
50 साल से अधिक पुराना अवैध कब्जा
सूत्रों के अनुसार, इसनपुर झील पर अवैध निर्माण पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से बना हुआ था। कई परिवार यहां पीढ़ियों से रह रहे थे। झील क्षेत्र में लगातार बढ़ते निर्माणों के कारण जलभराव, प्रदूषण और प्राकृतिक जलस्रोत के समाप्त होने का खतरा बढ़ रहा था। प्रशासन ने लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह फैसला लिया।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
अभियान को देखते हुए किसी भी विरोध, तनाव या अव्यवस्था की आशंका के चलते इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर बुलडोज़र अभियान की निगरानी कर रहे हैं, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण और नियंत्रित ढंग से पूरी हो सके।
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जल निकायों को पुनर्जीवित करने की मुहिम
अहमदाबाद नगर निगम पिछले कुछ वर्षों से शहर की झीलों, तालाबों और जल निकायों को पुनर्जीवित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। चंदोला, वटवा और अब इसनपुर झील पर की गई कार्रवाइयाँ इसी अभियान का हिस्सा हैं। निगम का कहना है कि अवैध निर्माणों के कारण
- जलभराव की समस्या बढ़ रही थी
- बाढ़ के खतरे में इजाफा हो रहा था
- पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित हो रहा था
इसलिए झीलों को उनके मूल स्वरूप में लौटाना बेहद जरूरी था।
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जल संरक्षण को मिलेगी बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई से इसनपुर झील की प्राकृतिक जलधारण क्षमता फिर से लौटने की उम्मीद है। इससे न केवल स्थानीय पर्यावरण में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में जल संरक्षण और भूजल स्तर भी बेहतर हो सकता है।
अभियान पूरा होने के बाद नगर निगम झील क्षेत्र को साफ करके उसे पुनर्स्थापित करने की योजना पर काम करेगा, ताकि यह क्षेत्र फिर से प्राकृतिक रूप से जीवंत हो सके।
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