नर्सिंग छात्रा का आरोप… ट्रैफिक कांस्टेबल ने 5 वर्षों तक किया शोषण

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक नर्सिंग छात्रा द्वारा ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मामला आशियाना थाना क्षेत्र का है, जहां छात्रा ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि ट्रैफिक कांस्टेबल ने पांच वर्षों तक शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, और अब जब उसकी शादी कहीं और तय हो गई, तो उसने अचानक रिश्ता तोड़ लिया।

शिकायत पर SSI द्वारा समझौते का दबाव:
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वह अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची, तो वहां मौजूद SSI ने उस पर समझौते का दबाव बनाया। पीड़िता के अनुसार, यह व्यवहार बेहद अपमानजनक था और इससे वह मानसिक रूप से टूट गई। इस आरोप के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के व्यवहार की भी जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक पर हुई दोस्ती, फिर बढ़ा रिश्ता:
पीड़ित छात्रा के मुताबिक, उसकी मुलाकात आरोपी सिपाही मुकेश यादव से वर्ष 2019 में फेसबुक के माध्यम से हुई। धीरे-धीरे चैटिंग और बातचीत बढ़ी, और कुछ ही समय में दोनों के बीच करीबी रिश्ता विकसित हो गया।
छात्रा का कहना है कि आरोपी ने उसे शुरुआत से ही शादी का भरोसा दिया, जिसके चलते वह रिश्ते में बंधती चली गई। आरोप है कि सिपाही उसे शहर के विभिन्न होटल रूम्स में ले जाता था और संबंध बनाने से पहले हर बार यही कहता था कि “हम जल्द शादी करेंगे, बस परिवार को मनाना है।”

पुलिस की वर्दी और साफ छवि पर विश्वास:
पीड़िता का कहना है कि उसने आरोपी पर आंख मूंदकर भरोसा किया क्योंकि वह पुलिस विभाग में कार्यरत था, और उसकी सामाजिक छवि भी साफ-सुथरी दिखाई देती थी। छात्रा का आरोप है कि उसने आरोपी के कहने पर कई त्याग किए, लेकिन अब जब परिवार उसकी शादी कहीं और तय कर रहा है, सिपाही ने अचानक संपर्क तोड़ लिया और शादी से साफ इनकार कर दिया।

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पुलिस विभाग ने शुरू की कार्रवाई:
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने इस प्रकरण की गंभीर जांच शुरू कर दी है। आरोपी ट्रैफिक सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

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पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन:
लखनऊ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ लगाए गए ऐसे आरोप बेहद गंभीर माने जाते हैं, और विभाग निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगा। पीड़िता को सुरक्षा और पूर्ण कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।

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