भोपाल में अंतरजिला नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार

Fake Currency: मध्यप्रदेश पुलिस ने नकली नोटों की छपाई और प्रसार में लिप्त एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे सहित तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, एक ड्रायर मशीन और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है।

जावर में मिले 19.78 लाख के नकली नोट के बाद खुली परतें
यह कार्रवाई तब आगे बढ़ी जब 2 नवंबर 2025 को थाना जावर क्षेत्र के ग्राम पेठिया स्थित गोकुलधाम सोसाइटी में पुलिस ने एक कमरे पर छापा मारकर 19 लाख 78 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए थे। आरोपी मौलाना जुबेर की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई अहम सुराग मिले।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खंडवा मनोज कुमार राय के निर्देश पर, एएसपी (शहर) महेंद्र तारनेकर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम लगातार तकनीकी और मैदानी स्तर पर जांच कर रही थी।

मुख्य सप्लायर निकला डॉ. प्रतीक नवलखे
जांच के दौरान पता चला कि मौलाना जुबेर को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी बुरहानपुर निवासी डॉ. प्रतीक नवलखे है। इसके बाद मुखबिर से सूचना मिली कि सभी आरोपी भोपाल के बागमुगलिया क्षेत्र स्थित एक किराए के मकान में छिपे हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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एक लाख रुपए में देते थे 5 लाख के नकली नोट
पुलिस के अनुसार, नकली नोट खपाने के बदले में डॉक्टर नवलखे और जुबेर अंसारी और दिनेश गौर अपने से जुड़ने वाले लोगों को ऑफर देते थे कि एक लाख रुपए के असली नोट दो और 5 लाख रुपए के नकली नोट लो। ऑनलाइन और बैंक ट्रांजैक्शन के लिए इन लोगों ने किराए पर बैंक खाते ले रखे थे, जिनके एटीएम इन्हीं लोगों के पास थे। इन खाता धारकों को भी ट्रांजैक्शन का 10% कमीशन देते थे

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गिरोह का नेटवर्क कई जिलों में फैला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह नकली नोटों की सप्लाई विभिन्न जिलों में कर रहा था और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर नोट छापने का काम करता था। बरामद सामग्री से यह स्पष्ट है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और वित्तीय नेटवर्क का पता लगा रही है।

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