
अयोध्या में भव्य समारोह… पीएम मोदी और मोहन भागवत ने राम मंदिर के शिखर पर फहराया पवित्र ध्वज
Ram Mandir Dhwajarohan: अयोध्या आज एक बार फिर इतिहास का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के भव्य शिखर पर पवित्र भगवा ध्वज फहराया। ध्वजारोहण से पहले दोनों ने रामलला के दर्शन किए और राम दरबार में विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
ध्वजारोहण कार्यक्रम: ऐतिहासिक और आध्यात्मिक माहौल में सम्पन्न
सुबह से ही अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। प्रधानमंत्री मोदी जब मंदिर परिसर पहुंचे, तो पूरा वातावरण “जय श्री राम” के जयकारों से गूंज उठा। सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में मंदिर परिसर में प्रवेश के बाद पीएम मोदी सीधे गर्भगृह पहुँचे और रामलला के समक्ष पूजा-अर्चना की। इसके बाद निर्धारित समय पर ध्वजारोहण समारोह प्रारंभ हुआ।
RSS प्रमुख मोहन भागवत और पीएम मोदी ने संयुक्त रूप से रस्सी खींचकर मंदिर के शीर्ष पर 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा भगवा ध्वज फहराया। ध्वज फहराते ही मंदिर परिसर में शंखनाद और मंत्रोच्चार गूंज उठा।
कैसा है राम मंदिर का पवित्र ध्वज?
ध्वजारोहण का यह विशेष ध्वज राम मंदिर के पूर्ण निर्माण और उसके आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक बताया गया है।
- ऊँचाई: 10 फीट
- लंबाई: 20 फीट
- आकार: समकोण त्रिभुजाकार
- प्रतीकात्मक अर्थ:
* भगवान श्रीराम के तेज, शक्ति और पराक्रम का प्रतीक
* हिंदू आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधि
* मंदिर की दिव्यता और पूर्णता का संकेत
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह ध्वज पारंपरिक तरीके से निर्मित किया गया है, जिसे विशेष विधि-विधान से अभिषिक्त कर मंदिर शिखर पर स्थापित किया गया।
मंदिर में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक अनुष्ठान
ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री मोदी और मोहन भागवत ने गर्भगृह में बैठकर रामलला की आरती की।
- वैदिक मंत्रों और हवन के साथ पूजा सम्पन्न हुई।
- संत-समाज के कई प्रमुख नेता और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य भी उपस्थित रहे।
- बताया गया कि मंदिर परिसर में विशेष फूल सजावट, दीप सज्जा और पारंपरिक संगीत की धुनें लगातार बजती रहीं।
पीएम मोदी ने पूजा के बाद मंदिर के प्रांगण में मौजूद भक्तों का अभिवादन भी किया।
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अयोध्या में इस अवसर पर भव्य सजावट की गई थी:
- प्रमुख सड़कों पर फूलों और रोशनी से सजावट
- राम की पैड़ी और सरयू किनारे विशेष प्रज्ज्वलन
- सुरक्षा हेतु शहर में पुलिस, PAC और केंद्रीय बलों की तैनाती
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह समारोह राम मंदिर निर्माण की यात्रा में एक “मील का पत्थर” है, क्योंकि पहली बार इतना बड़ा ध्वज मंदिर के पूर्ण रूप से तैयार शिखर पर फहराया गया।
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आस्था और संस्कृति का संगम
ध्वजारोहण कार्यक्रम को अयोध्या के सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़कर देखा जा रहा है। राम मंदिर उद्घाटन के बाद यह पहला ऐसा अवसर था, जब प्रधानमंत्री, RSS प्रमुख और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एक साथ मंदिर परिसर में मौजूद थे। भक्तों और संतों ने इसे “नए युग के आरंभ का प्रतीक” बताया।
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