अयोध्या में धर्मध्वजा स्थापना के बीच भावुक हुए रामलला के ड्रेस डिज़ाइनर मनीष त्रिपाठी

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या आज एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम अध्याय का साक्षी बना, जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई गई। पूरे शहर में भक्ति, उल्लास और विजय के स्वर गूंजते रहे। शंखध्वनि, वैदिक मंत्रों और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष ने ऐसा दिव्य वातावरण रचा कि पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS प्रमुख मोहन भागवत और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। ध्वजारोहण के दौरान प्रधानमंत्री की विनम्रता और श्रद्धा देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। इसी दौरान रामलला के परिधान तैयार करने वाले प्रसिद्ध डिजाइनर मनीष त्रिपाठी भी इस दिव्य समारोह में पहुंचे और भावनाओं से भर गए।

भावुक हुए रामलला के ड्रेस डिज़ाइनर
मनीष त्रिपाठी, जो प्राण प्रतिष्ठा से लेकर ध्वजारोहण तक हर दिन रामलला के वस्त्रों की डिजाइनिंग कर रहे हैं, ने बताया कि यह क्षण केवल ऐतिहासिक नहीं, बल्कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है।
उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ध्वजारोहण के बाद हाथ जोड़कर भक्तों की ओर मुड़े, तो पूरा परिसर भक्ति-मय वातावरण से भर गया और कई लोगों की आँखें नम हो गईं।

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पितांबरी परिधान में रामलला के दर्शन
ध्वजारोहण के विशेष अवसर पर रामलला ने पितांबरी परिधान धारण किया। यह परिधान रेशमी कपड़े, पारंपरिक कढ़ाई और शास्त्रीय बनावट से तैयार किया गया था। मनीष त्रिपाठी बताते हैं कि इस परिधान का हर धागा परंपरा, भक्ति और संस्कृति का प्रतीक है।
राम दरबार के सभी विग्रहों ने भी इसी पितांबरी परिधान में दर्शन दिए, जिससे पूरा मंदिर परिसर दिव्यता से आलोकित हो उठा।

अयोध्या में छाया भक्ति और उल्लास
ध्वजारोहण के दौरान शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तों के जयकारों ने ऐसा माहौल बनाया कि लगा—अयोध्या नए युग में प्रवेश कर रही है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से समारोह में उपस्थित लोगों को विशेष प्रसाद भी दिया गया, जिसे श्रद्धालु विशेष स्मृति के रूप में संजो रहे हैं।

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ऐतिहासिक दिन, जिसने लिख दिया नई शुरुआत का अध्याय
अयोध्या में आयोजित यह भव्य ध्वजारोहण समारोह न केवल मंदिर को नई भव्यता प्रदान कर गया, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ गया।
रामलला की पितांबरी झलक और प्रधानमंत्री मोदी की विनम्रता ने इस दिन को सदैव के लिए स्मरणीय बना दिया, और अयोध्या के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

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