
भारत से टकराव के बाद JF-17 विमानों की बढ़ी वैश्विक मांग… IMF कर्ज मुक्त होने का दावा
Pakistan News: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि भारत के साथ मई 2025 में हुए चार दिवसीय सैन्य टकराव के बाद JF-17 थंडर विमानों की वैश्विक मांग में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि अगर ये ऑर्डर अगले छह महीनों में पूरे हो गए, तो पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद विमानों की लोकप्रियता
पाकिस्तान का कहना है कि इस टकराव में उनके वायु सेना ने भारत के 6 लड़ाकू विमानों को मार गिराया, जिसमें आधुनिक फ्रांसीसी राफेल जेट भी शामिल थे। पाकिस्तान अब इस कथित सफलता का उपयोग JF-17 विमानों की बिक्री बढ़ाने के लिए कर रहा है। ख्वाजा आसिफ का कहना है कि चीनी तकनीक वाले विमान पश्चिमी लड़ाकू विमानों के मुकाबले प्रभावी साबित हुए हैं।
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बांग्लादेश के साथ संभावित सौदेबाजी
ख्वाजा आसिफ का बयान तब आया जब बांग्लादेशी रक्षा प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात के लिए आया। बांग्लादेश अपनी वायु सेना के लिए JF-17 थंडर विमानों की खरीद पर विचार कर रहा है। पाकिस्तान ने बांग्लादेश को फास्ट-ट्रैक ट्रेनिंग और सुपरलाइट ट्रेनर विमान उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
IMF कर्ज मुक्त होने का दावा
ख्वाजा आसिफ ने मीडिया से कहा कि हमारे विमान युद्ध में परखे जा चुके हैं। अगर ये ऑर्डर पूरे हो गए, तो हमें IMF से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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वास्तविक स्थिति
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अभी भी नाजुक है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ लड़ाकू विमानों की बिक्री से विदेशी कर्ज और राजकोषीय घाटा पूरी तरह नहीं भरा जा सकता।
साल 2024 में IMF ने पाकिस्तान के लिए $7 बिलियन का बेलआउट पैकेज मंजूर किया था।
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