
Free Trade Deal से बदलेगा बाजार का खेल… भारत में यूरोपीय सामान होंगे सस्ते
India-EU Free Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 18 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग गई है। इस ऐतिहासिक डील के तहत दोनों पक्षों ने ज्यादातर उत्पादों पर टैरिफ शून्य करने या उसमें बड़ी कटौती करने पर सहमति जताई है। इस समझौते का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ेगा, जहां कार, केमिकल्स, मेडिकल प्रोडक्ट्स, मशीनरी, शराब, प्रोसेस्ड फूड समेत कई वस्तुएं सस्ती होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील” बताते हुए कहा कि यह डील भारत और यूरोप के बीच आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएगी और चीन व अमेरिका पर निर्भरता को कम करेगी।
90% से ज्यादा यूरोपीय सामानों पर टैरिफ खत्म या कम
यूरोपीय संघ के अनुसार, इस डील के तहत भारत को निर्यात होने वाले 90% से अधिक यूरोपीय संघ के सामानों पर शुल्क या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा या काफी कम किया जाएगा। इससे यूरोपीय कंपनियों को भारतीय बाजार में बड़ा फायदा मिलेगा, वहीं भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ते और बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे।
यूरोपीय संघ का अनुमान है कि इस समझौते के चलते 2032 तक भारत को EU का निर्यात दोगुना हो सकता है। वहीं, भारतीय निर्यातकों को भी यूरोपीय बाजारों में ज्यादा अवसर मिलेंगे।
किन चीजों के होंगे दाम कम?
इस फ्री ट्रेड डील के बाद कई प्रमुख उत्पादों के दाम घटने की संभावना है—
कार और कमर्शियल व्हीकल: 110% तक के भारी टैरिफ को घटाकर 10% कर दिया गया है, हालांकि हर साल 2.5 लाख वाहनों का कोटा तय किया गया है।
* बीयर और शराब
- बीयर पर टैरिफ घटाकर 50%
- शराब पर लगने वाले शुल्क में 40% तक की कटौती
* केमिकल्स
- 22% तक के टैरिफ को काफी हद तक समाप्त किया जाएगा।
* मशीनरी
- 44% तक के शुल्क में बड़ी कटौती।
* दवाएं और मेडिकल प्रोडक्ट्स
- 11% तक के शुल्क में भारी कमी।
* एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट
- टैरिफ पूरी तरह शून्य (0%)।
* खाद्य उत्पाद
- जैतून का तेल, मार्जरीन और वनस्पति तेल पर शुल्क समाप्त
- फलों के रस और प्रोसेस्ड फूड पर टैरिफ खत्म
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यूरोपीय कंपनियों को सालाना 4 अरब यूरो की बचत
यूरोपीय संघ का कहना है कि इस डील से उसके निर्यातकों को हर साल करीब 4 अरब यूरो तक की टैरिफ बचत होगी। इससे यूरोपीय कंपनियां भारत में निवेश और कारोबार को और तेजी से बढ़ा सकेंगी।
रोजगार और SME को मिलेगा बढ़ावा
इस समझौते से भारत में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना है। खासतौर पर छोटी और मझोली कंपनियों (SME) को नए बाजार, तकनीक और निवेश का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, ट्रेडमार्क, डिजाइन, कॉपीराइट और व्यापार रहस्यों की मजबूत सुरक्षा से नए बिजनेस अवसर खुलेंगे।
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ग्रीन एनर्जी और जलवायु सहयोग
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती के लिए यूरोपीय संघ ने भारत को अगले दो वर्षों में 500 मिलियन यूरो की सहायता देने की घोषणा की है। इससे भारत के ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन प्रोजेक्ट्स को मजबूती मिलेगी।
भारत-EU रिश्तों में नया अध्याय
कुल मिलाकर, यह फ्री ट्रेड डील भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक सहयोग का नया अध्याय खोलने वाली मानी जा रही है। इससे न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि तकनीक, निवेश, रोजगार और टिकाऊ विकास को भी नई गति मिलेगी। आम लोगों के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कई रोजमर्रा और हाई-टेक चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध होंगी।
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