LDA की नगर योजना विवादों में… पर्यावरण मंजूरी और मुआवजे पर उठे सवाल

Lucknow News: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की प्रस्तावित नगर योजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। इस योजना को लेकर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एलडीए पर्यावरण नियमों को नजरअंदाज करते हुए और गलत तथ्यों के आधार पर पर्यावरण मंजूरी लेने की कोशिश कर रहा है। किसानों का यह भी आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के बावजूद उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया है।

पर्यावरण मंजूरी को लेकर उठे सवाल
किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना के तहत जिस क्षेत्र में विकास कार्य प्रस्तावित है, वहां पर्यावरणीय प्रभाव का सही आकलन नहीं किया गया। किसानों का आरोप है कि अगर योजना लागू होती है तो क्षेत्र में हरियाली, जल स्रोत और खेती योग्य जमीन को नुकसान पहुंच सकता है।
इसी को लेकर किसानों ने संबंधित विभागों से मांग की है कि जब तक सभी पर्यावरणीय मानकों की पारदर्शी जांच न हो, तब तक मंजूरी न दी जाए।

मुआवजे को लेकर किसानों में नाराजगी
विवाद का दूसरा बड़ा कारण मुआवजा है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन ली गई, लेकिन उन्हें या तो पूरा मुआवजा नहीं मिला या प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन का मूल्यांकन बाजार दर से कम किया गया।
किसानों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा और पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होगी, तब तक वे योजना का विरोध जारी रखेंगे।

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LDA की योजना क्यों महत्वपूर्ण
एलडीए का कहना है कि यह नगर योजना शहर के विस्तार और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। तेजी से बढ़ती आबादी, आवास की मांग और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ऐसी योजनाएं जरूरी बताई जा रही हैं।
प्राधिकरण का दावा है कि योजना से शहर का व्यवस्थित विकास होगा और निवेश व रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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प्रशासन और किसानों के बीच टकराव की स्थिति
मामले में किसानों और प्रशासन के बीच संवाद की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, जमीन, पर्यावरण और मुआवजे जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। स्थानीय संगठनों और किसान समूहों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण होता जा रहा है। पर्यावरण मंजूरी, जमीन अधिग्रहण और मुआवजे जैसे मुद्दों पर अंतिम फैसला आने के बाद ही योजना की दिशा साफ हो सकेगी।

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