
भारत के 50% में विमानों में खामियां, लिस्ट में टॉप पर Air India और Indigo
India Aviation Safety Report: सरकार ने लोकसभा में बताया कि एयर इंडिया के 10 में से सात विमानों में कोई ना कोई तकनीकी खामी पाई गई। जनवरी 2025 के बाद से अलग-अलग एयरलाइन के 377 विमानों में गड़बड़ी का पता चला है।
India Aviation Safety Report: लोकसभा में पेश सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जांचे गए भारतीय एयरलाइंस के आधे विमानों में बार-बार खराबी मिली है। इसमें एयर इंडिया ग्रुप सबसे आगे है। इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर के भी कई विमानों में खामियां मिलीं। सरकार ने बताया कि डीजीसीए ने निगरानी बढ़ा दी है और तकनीकी स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई गई है।
एयर इंडिया, इंडिगो के साथ ज्यादा दिक्कत
अगर विमान में होने वाली बार-बार की दिक्कतों की संख्या के हिसाब से देखें तो इंडिगो पहले नंबर पर है, जिसके 148 विमानों में समस्याएं पाई गईं। इसके बाद एयर इंडिया के 137, एयर इंडिया एक्सप्रेस के 54, स्पाइसजेट के 16, आकासा एयर के 14 और एयरलाइंस एयर के 8 विमानों में लगातार दिक्कतें नजर आईं।
एयरलाइंस कंपनियों के कितने विमानों की जांच
इस ऑडिट प्रक्रिया में इंडिगो के 405, एयर इंडिया के 166, एयर इंडिया एक्सप्रेस के 101, स्पाइसजेट के 43, आकासा एयर के 32 विमानों को शामिल किया गया है। एयर इंडिया ग्रुप कुल 297 और इंडिगो 440 उड़ानों का संचालन करता है।
डीजीसीए ने बढ़ाई जांच
एयरलाइन ऑडिट के साथ-साथ, विमानन नियामक डीजीसीए ने पिछले साल जांच तेज कर दिया। मोहोल ने कहा कि नियामक ने नियोजित निगरानी के तहत 3,890 निगरानी निरीक्षण, 56 नियामक ऑडिट, 84 विदेशी विमानों की निगरानी जांच और 492 रैंप निरीक्षण किए। इसके अलावा, डीजीसीए ने अनियोजित निगरानी के तहत 874 स्पॉट चेक और 550 रात्रि निरीक्षण किए।
मानव संसाधन के संबंध में मंत्री ने कहा कि डीजीसीए के पास 2022 में 637 स्वीकृत तकनीकी पद थे। कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए पुनर्गठन किया गया है और स्वीकृत तकनीकी पदों की संख्या बढ़ाकर 1,063 कर दी गई है।





