UP News: आस्था सिंह vs रितु त्रिपाठी… कानपुर वाले वीडियो का सामने आया पूरा सच

Kanpur News: कानपुर से वायरल हुए वीडियो का पूरा सच अब सामने आया है। वीडियो में दिख रही महिला बैंक कर्मचारी आस्था सिंह ने कहा कि जानबूझकर अधूरा वायरल किया गया, जबकि पूरी घटना बैंक के सीसीटीवी में रिकॉर्ड है।

Kanpur News: यूपी के कानपुर के HDFC बैंक की एक महिला कर्मचारी का 45 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया खूब वायरल हुआ। वीडियो में  महिला बैंक कर्मचारी गुस्से में कहती है ‘मैं ठाकुर हूं, बदमाशी मत करना…’. वीडियो सामने आते ही नई बहस छिड़ गई. किसी ने इसे जातिगत अहंकार बताया तो किसी ने सत्ता और सिस्टम से जोड़ दिया। सवाल उठने लगे कि आखिर एक बैंक के भीतर ऐसी बात कहने की नौबत क्यों आई? और क्या वाकई यह मामला जातिवाद का है, या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है?

यह जातिवाद नहीं आत्मसम्मान की लड़ाई है’

आस्था सिंह एचडीएफसी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर आस्था ने कहा कि वीडियो को जानबूझकर जातिवाद का रंग दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति से उनकी बहस हो रही थी वह कोई कस्टमर नहीं बल्कि बैंक की ही एक पूर्व कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी के पति ऋषि मिश्रा थे. आस्था के मुताबिक विवाद की शुरुआत ऋषि मिश्रा द्वारा उनकी जाति पूछने और धमकी देने से हुई.

आस्था ने बताया कि ‘मुझसे सीधे पूछा गया कि तुम कौन सी जाति की हो जो इतनी अकड़ दिखा रही हो? तब मुझे बताना पड़ा कि मैं ठाकुर हूं. अगर मैं किसी और जाति की होती तो शायद लोग इसे एक मनचले को सबक सिखाने के तौर पर देखते. लेकिन मेरी जाति की वजह से इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है.’

विवाद की असली वजह

आस्था सिंह ने बताया कि विवाद की जड़ बहुत छोटी थी. दरअसल सुबह बाथरूम का गेट खोलने को लेकर आस्था की कहासुनी ऋषि मिश्रा की छोटी बहन से हुई थी. शाम को जब कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी अपना रिलीविंग लेटर लेने आईं तो उनके पति ऋषि मिश्रा भी साथ थे.
आरोप है कि इस दौरान ऋषि मिश्रा ने उनके पास आकर सीधे धमकी देते हुए कहा कि ‘मैं तुम्हारी गर्मी निकाल दूंगा, तुम्हें ज्यादा हेकड़ी है,मैं प्रेस में हूं. जब कोई महिला कर्मचारी से कहे कि गर्मी निकाल दूंगा तो क्या मुझे चुप रहना चाहिए था? क्या मेरा कोई आत्मसम्मान नहीं है?’
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