
बजट सत्र में सियासी टकराव; राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं…
Rahul Gandhi in Parliament: लोकसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण ने संसद में सियासी हलचल मचा दी। राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सरकार पर ‘एपस्टीन फाइल्स’ से जुड़े गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद सदन में विपक्ष और सरकार के बीच बहस तेज हो गई।
सरकार का रुख
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) नहीं लाया जाएगा। हालांकि सूत्रों के अनुसार इस पर अंतिम फैसला अभी लिया जाना बाकी है। बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने भाषण के कथित आपत्तिजनक अंश हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। कुछ अंश पहले ही रिकॉर्ड से हटा दिए गए हैं, लेकिन बीजेपी का मानना है कि यह पर्याप्त नहीं है।
हरदीप सिंह पुरी का जवाब
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आरोपों का जवाब खुद सदन में देने की बात कही। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को बेहद बेबुनियाद और तथ्यहीन करार दिया। पुरी ने सदन में कहा कि सरकार ने सभी मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की है।
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विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने बजट सत्र के दौरान बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की उठाई गई वास्तविक चिंताओं का जवाब देने के बजाय आलोचना टाल रही है। रंजन ने कहा:
“जब आप उनकी गलतियां बताते हैं, तो बीजेपी जवाब देती है। आप 11 साल से सरकार में हैं, और राहुल गांधी, विपक्ष के नेता के तौर पर, पूछ रहे हैं कि क्या देश की सुरक्षा, हमारे किसान, एनर्जी और डेटा सुरक्षित हैं। जिस तरह से आपकी डील है, वह सुरक्षित नहीं लगती। जिस तरह से फाइनेंस मिनिस्टर गुस्से में बोल रहे थे, देश गुस्से से नहीं चलता; यह बहस और चर्चा से चलता है।”
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राजनीतिक माहौल
बजट सत्र के दौरान हुई यह बहस सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव को और बढ़ा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की बहसें न केवल संसद की कार्यवाही को रोचक बनाती हैं बल्कि जनता का ध्यान भी महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर आकर्षित करती हैं।
हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं लाया जाएगा, लेकिन आरोप और बहस की गूंज संसद में लगातार बनी हुई है। यह घटनाक्रम आगामी दिनों में संसद और राजनीतिक बहसों में अहम भूमिका निभा सकता है।
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