हवा और समंदर में बढ़ेगी भारत की ताकत; 114 राफेल और 6 P-81 विमानों की खरीद को हरी झंडी

India Rafale Fighter Jet Deal: भारत की सैन्य ताकत को और मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी गई है।

भारतीय नौसेना के लिए छह P-81 समुद्री गश्ती विमान खरीदने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है। हालांकि इस रक्षा सौदे को अंतिम रूप देने से पहले इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से औपचारिक मंजूरी लेनी होगी।

वायुसेना की ताकत में होगा बड़ा इजाफा
114 राफेल विमानों की खरीद भारतीय वायुसेना (IAF) की क्षमताओं को नई ऊंचाई देगी। वर्तमान में भारत के पास पहले से 36 राफेल विमान सेवा में हैं, जो अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनात हैं।

राफेल एक मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने में सक्षम है। इसमें आधुनिक रडार सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम लगे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त 114 विमानों की खरीद से वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या में सुधार होगा और चीन व पाकिस्तान जैसे मोर्चों पर भारत की सामरिक बढ़त मजबूत होगी।

‘मेक इन इंडिया’ को भी मिल सकता है बढ़ावा
सूत्रों के अनुसार, इस नई डील में ‘मेक इन इंडिया’ पहल को प्राथमिकता दी जा सकती है। संभावना है कि बड़ी संख्या में विमान भारत में ही बनाए या असेंबल किए जाएं, जिससे रक्षा उत्पादन क्षेत्र में रोजगार और तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा।

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नौसेना को भी मिलेगी मजबूती
बैठक में भारतीय नौसेना के लिए छह P-81 समुद्री गश्ती विमान खरीदने को भी मंजूरी दी गई है। ये विमान लंबी दूरी तक समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्ध और खुफिया मिशनों में अहम भूमिका निभाते हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए नौसेना की निगरानी क्षमता को मजबूत करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अंतिम मंजूरी CCS से बाकी
हालांकि रक्षा मंत्रालय की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इस बड़े रक्षा सौदे को अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास भेजा जाएगा। CCS की मंजूरी के बाद ही औपचारिक अनुबंध और खरीद प्रक्रिया शुरू होगी।

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रणनीतिक संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत की सुरक्षा नीति में स्पष्ट संदेश देता है कि देश अपनी सीमाओं की रक्षा और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। 114 राफेल और P-81 विमानों की खरीद से न केवल वायु और समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि भारत की सामरिक क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इस फैसले को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं।

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