
उत्तर कोरिया में गद्दी की जंग? किम जोंग-उन के बाद बहन बनाम बेटी की सियासी लड़ाई!
North Korea Next Dictator: उत्तर कोरिया में सत्ता के भविष्य को लेकर एक बार फिर अटकलें तेज हो गई हैं। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तानाशाह किम जोंग-उन के बाद देश की सत्ता को लेकर उनकी बहन किम यो-जोंग और बेटी किम जू-ए के बीच संभावित संघर्ष हो सकता है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद वैश्विक स्तर पर भी उत्तर कोरिया की राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं।
बेटी को उत्तराधिकारी बनाने के संकेत
पिछले कुछ समय से किम जोंग-उन अपनी 13 वर्षीय बेटी किम जू-ए के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और सैन्य आयोजनों में नजर आए हैं। मिसाइल परीक्षण, सैन्य परेड और बड़े सरकारी समारोहों में उनकी मौजूदगी को उत्तराधिकारी के तौर पर पेश करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किम परिवार में सत्ता परंपरागत रूप से परिवार के भीतर ही हस्तांतरित होती रही है, इसलिए किम जू-ए को भविष्य की नेता के रूप में तैयार किया जा सकता है।
सबसे बड़ी चुनौती बहन किम यो-जोंग
दक्षिण कोरिया के पूर्व राजदूत राह जोंग-यिल के मुताबिक, किम जू-ए के लिए सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किम जोंग-उन की छोटी बहन किम यो-जोंग उत्तर कोरियाई राजनीति में बेहद प्रभावशाली मानी जाती हैं।
किम यो-जोंग पहले से ही सरकार और पार्टी में अहम भूमिका निभा रही हैं और कई बार अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कड़े बयान भी दे चुकी हैं। उन्हें अपने भाई की भरोसेमंद और सख्त नेता के रूप में देखा जाता है।
यह भी पढ़ें…
बांग्लादेश की नई सरकार का संकेत… BRI प्रोजेक्ट को रफ्तार, भारत की बढ़ी चिंता
उत्तर कोरिया में सत्ता संरचना जटिल
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया में केवल परिवार ही नहीं, बल्कि सेना और सत्तारूढ़ दल का भी बड़ा प्रभाव होता है। ऐसे में अंतिम निर्णय इन संस्थाओं की सहमति से ही संभव होगा।
यदि किम जू-ए को उत्तराधिकारी बनाया जाता है, तो संभव है कि शुरुआती दौर में किम यो-जोंग या अन्य वरिष्ठ नेता सत्ता संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
यह भी पढ़ें…
BNP की जीत के बाद हसीना के प्रत्यर्पण की मांग तेज… भारत-बांग्लादेश संबंधों की नई परीक्षा
वैश्विक राजनीति पर असर
उत्तर कोरिया की सत्ता में बदलाव का असर क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और अन्य देशों की रणनीति इस पर निर्भर करेगी कि नया नेतृत्व कितना आक्रामक या कूटनीतिक रुख अपनाता है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किम जोंग-उन ने आधिकारिक रूप से किसी को उत्तराधिकारी घोषित किया है या नहीं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर और संकेत सामने आ सकते हैं।
यह भी पढ़ें…





