
AI को लेकर आईटी राज्य मंत्री की चेतावनी… गलत इस्तेमाल से साइबर सुरक्षा को खतरा
India AI Impact Summit: AI Impact Summit 2026 में आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग और उसके संभावित दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि AI का गलत इस्तेमाल हुआ, तो यह लोकतंत्र और साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
AI का सही और जिम्मेदार उपयोग जरूरी
मंत्री ने डिजिटल साक्षरता और एआई के जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह तकनीक शिक्षा, विकास, स्वास्थ्य और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में बहुत उपयोगी है। लेकिन इसे शॉर्टकट या अनैतिक तरीकों से इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने कहा:
“AI का उपयोग केवल सुविधा के लिए नहीं बल्कि नैतिक और जिम्मेदार तरीके से होना चाहिए। तकनीक में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।”
यह भी पढ़ें…
India AI Impact Summit: पीएम मोदी ने किया इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन…
डिजिटल साक्षरता और जागरूकता
जितिन प्रसाद ने कहा कि उपयोगकर्ताओं, संगठनों और नीति निर्माताओं को मिलकर AI की जिम्मेदार रूप से निगरानी करनी होगी। उन्होंने डिजिटल साक्षरता बढ़ाने और नैतिक AI के महत्व पर जोर दिया।
- नागरिकों को यह समझना होगा कि AI का दुरुपयोग व्यक्तिगत डेटा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
- संस्थानों और तकनीकी कंपनियों को AI पारिस्थितिकी तंत्र में सुरक्षा और जवाबदेही का ध्यान रखना होगा।
यह भी पढ़ें…
Om Birla को बांग्लादेश भेजने की तैयारी… कांग्रेस सांसद ने बताई बड़ी वजह
भविष्य की संभावनाएं
मंत्री ने यह भी कहा कि एआई शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवा और व्यवसाय में नई संभावनाएं खोल सकता है। इसके लिए नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और जनता को मिलकर सुरक्षित और नैतिक AI के लिए दिशा-निर्देश और नीतियां तैयार करनी होंगी।
AI Impact Summit 2026 में जताई गई यह चेतावनी भारत में AI नीति और डिजिटल सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तकनीक का जिम्मेदार उपयोग लोकतंत्र और साइबर सुरक्षा के लिए आवश्यक है और यह भविष्य में नीति निर्माण का मार्गदर्शन करेगा।
इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट किया कि AI केवल प्रगति का साधन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सुरक्षा का मामला भी है।
यह भी पढ़ें…





