
मेरठ सेंट्रल मार्केट पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी कार्रवाई, 44 अवैध निर्माण सील…
Meerut Central Market News: मेरठ सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए 44 अवैध निर्माणों को सील करने के आदेश दिए हैं। वहीं, मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।
Meerut Central Market News: मेरठ की सेंट्रल मार्केट को सील किए जाने को लेकर व्यापारियों में दहशत लगातार बनी हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने 44 संपत्तियों को सीलिंग के आदेश दिए हैं. इसके बाद दहशत में आए व्यापारियों ने अपनी दुकान खाली करनी शुरू कर दी हैं. उनका कहना है कि सीलिंग कार्रवाई से पहले वो अपना सामान यहां से निकाल रहे हैं ताकि उनको और ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े. इसके अलावा व्यापारियों ने कल मेरठ बंद का ऐलान किया है।
44 प्रतिष्ठानों को खाली करने का नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश मिलते ही आवास विकास परिषद की टीम ने 44 प्रमुख भवनों को तत्काल खाली करने की सूचना दे दी है. चिह्नित की गई इन इमारतों में:
- 6 निजी अस्पताल/नर्सिंग होम
- 6 बड़े स्कूल
- 4 बैंकट हॉल
- 28 व्यावसायिक परिसर (जिन्हें पूरी तरह कमर्शियल बना दिया गया है)
1400 से ज्यादा दुकानें रडार पर
शास्त्री नगर के सेक्टर 1 से 13 तक कुल 1400 से ज्यादा ऐसी दुकानों को चिह्नित किया गया है जो नियमों के विरुद्ध बनी हैं. कोर्ट की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई व्यापारियों ने कार्रवाई के डर से खुद ही अपनी दुकानों से सामान हटाना और अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है. व्यापारियों का आरोप है कि कई लोगों ने लैंड यूज चेंज के लिए विभाग में पैसा भी जमा किया था, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.
सड़क पर उतरे व्यापारी और विधायक
इस कार्रवाई को लेकर पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है. व्यापारियों ने इसे जीवन-मरण का संकट बताते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई है. प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने छाती पीट-पीटकर अपना दुख व्यक्त किया. इसी बीच समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान भी मौके पर पहुंचे और व्यापारियों का समर्थन किया. व्यापारियों का तर्क है कि वे नियमित रूप से टैक्स और जीएसटी (GST) भर रहे हैं, ऐसे में उनका कारोबार उजाड़ना अन्यायपूर्ण है.
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होनी है. तब तक प्रशासन, पुलिस और आवास विकास परिषद की संयुक्त टीमें सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देने की तैयारी में हैं.





