मोबाइल नहीं, मेहनत बनी ताकत: CBSC में छात्रों ने रचा नया रिकॉर्ड…

CBSE Board Result:  डिजिटल दौर में जहां पढ़ाई और सोशल मीडिया साथ-साथ चल रहे हैं, वहीं लखनऊ के कई छात्रों ने बिना मोबाइल और सोशल मीडिया के शानदार सफलता हासिल कर एक नई मिसाल पेश की है। CBSE कक्षा 10वीं के रिजल्ट में इन छात्रों ने यह साबित कर दिया कि सही रणनीति, अनुशासन और नियमित मेहनत ही असली सफलता की कुंजी है।

स्वस्ति जैन बनीं शहर की टॉपर
स्वस्ति जैन, Delhi Public School Eldeco की छात्रा, ने 99.2% अंक हासिल कर लखनऊ में टॉप किया। स्वस्ति ने बताया कि उनके पास न तो मोबाइल फोन है और न ही कोई सोशल मीडिया अकाउंट।
उनके अनुसार, “ऑनलाइन पढ़ाई की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि पहले से कोचिंग जॉइन कर ली थी। क्लासरूम स्टडी और रेगुलर रिवीजन पर ही पूरा फोकस रखा।”

अविका यादव: बिना मोबाइल 98.2% अंक
अविका यादव, RLB School Indira Nagar Sector C की छात्रा, ने 98.2% अंक हासिल किए। उन्होंने भी पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। अविका का कहना है कि मोबाइल न होने से ध्यान भटकने की समस्या ही खत्म हो गई।

अनवी द्विवेदी: समय नहीं, समझ पर दिया जोर
अनवी द्विवेदी, LPS South City की छात्रा, ने 99% अंक हासिल किए। अनवी बताती हैं कि उन्होंने शुरुआत में 3-4 घंटे रोज पढ़ाई की और परीक्षा के समय इसे बढ़ाकर 5-6 घंटे कर दिया। उनका लक्ष्य आगे चलकर आईआईटी में प्रवेश पाना है।

आदित्री गुप्ता: लक्ष्य सिविल सर्विस
आदित्री गुप्ता ने 98.4% अंक प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि साइंस पेपर में एक छोटी गलती के कारण कुछ अंक कम हो गए, लेकिन उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाना है। फिलहाल वह बीटेक की तैयारी करना चाहती हैं।

क्लासरूम स्टडी और रिवीजन पर फोकस
स्वस्ति के मुताबिक, उन्होंने कभी घंटों के हिसाब से पढ़ाई नहीं की, बल्कि रोजाना तय टॉपिक्स को समझने और दोहराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “समय देखकर नहीं पढ़ाई की, बल्कि यह ध्यान रखा कि जो पढ़ा जाए उसे अच्छी तरह समझा जाए।”

बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने पहले से कोचिंग जॉइन कर ली थी, जहां से उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन मिला। इसके अलावा स्कूल की पढ़ाई और नियमित रिवीजन ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।

सोशल मीडिया से दूरी बनी ताकत
जहां आज सोशल मीडिया छात्रों के समय का बड़ा हिस्सा ले लेता है, वहीं स्वस्ति ने इससे दूरी बनाए रखी। उनका मानना है कि सोशल मीडिया से दूर रहकर ध्यान भटकने की संभावना कम हो जाती है और पढ़ाई में निरंतरता बनी रहती है।

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नई शिक्षा नीति का असर
हर्षित सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत CBSE के पाठ्यक्रम में बदलाव का असर अब साफ दिखने लगा है। छात्रों को सिर्फ रटने के बजाय समझने और विश्लेषण करने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षकों को भी इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

बदलती पढ़ाई की सोच
इन टॉपर्स की सफलता यह दिखाती है कि पढ़ाई के लिए डिजिटल साधन जरूरी नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन और अनुशासन ज्यादा महत्वपूर्ण है। जहां एक ओर कई छात्र सोशल मीडिया में समय गंवा देते हैं, वहीं इन छात्रों ने उससे दूरी बनाकर अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी।

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छात्रों के लिए संदेश
टॉपर्स का कहना है कि सफलता पाने के लिए जरूरी है:

  • खुद पर भरोसा
  • नियमितता और अनुशासन
  • समझ के साथ पढ़ाई
  • distractions से दूरी

लखनऊ के इन छात्रों की सफलता कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी सही दिशा और मेहनत से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

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