
‘अगली बार युद्धक्षेत्र भी भारत तय करेगा’, ऑपरेशन सिंदूर पर सेना का बड़ा संदेश…
Operation Sindoor Anniversary: “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली वर्षगांठ पर Jaipur में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों ने भारत की नई सैन्य रणनीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का बड़ा संदेश दिया। सेना ने साफ शब्दों में कहा कि अब भारत सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अगली बार युद्धक्षेत्र और कार्रवाई का तरीका भी खुद तय करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में Rajiv Ghai, Awadhesh Kumar Bharti, Zubin A. Minwalla और A. N. Pramod मौजूद रहे। अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की संयुक्त सैन्य ताकत और आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रतीक बताया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ बना भारत की सैन्य ताकत का प्रतीक
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” को दुनिया में “गोल्ड स्टैंडर्ड” के रूप में देखा जा रहा है। उनके मुताबिक यह ऑपरेशन भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता, सटीक सैन्य रणनीति और तीनों सेनाओं के बेहतरीन तालमेल का उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में भारतीय थलसेना, वायुसेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल ने मिलकर काम किया। रियल टाइम इंटेलिजेंस, साझा ऑपरेशन नेटवर्क और मल्टी डोमेन वॉरफेयर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कुल 9 सटीक हमले किए गए।
अधिकारियों के अनुसार इनमें से 7 स्ट्राइक सेना ने और 2 हमले वायुसेना ने अंजाम दिए।
भारत की नई सैन्य रणनीति क्या है?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने संकेत दिया कि भारत अब आतंकवाद और सीमा पार हमलों के खिलाफ ज्यादा आक्रामक रणनीति अपनाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य की लड़ाइयां केवल सीमाओं तक सीमित नहीं होंगी, बल्कि साइबर, ड्रोन, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक डोमेन भी युद्ध का हिस्सा होंगे।
सेना ने बताया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, हाई-प्रिसिजन मिसाइल सिस्टम और मल्टी डोमेन वॉरफेयर क्षमता को और मजबूत किया जाएगा।
‘भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देगा’
अधिकारियों का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि भारत अब केवल हमलों का जवाब देने वाला देश नहीं रहेगा। सेना ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में अगर कोई चुनौती पैदा होती है, तो भारत अपनी शर्तों पर कार्रवाई करेगा।
“अगली बार जवाब नहीं, पूरा युद्धक्षेत्र भारत तय करेगा” — यह बयान भारत की बदलती सैन्य नीति और आत्मविश्वास को दर्शाने वाला माना जा रहा है।
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संयुक्त सैन्य ताकत पर जोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि आधुनिक युद्ध में तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान साझा कमांड, इंटेलिजेंस शेयरिंग और तकनीकी तालमेल के जरिए बेहद कम समय में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि भारत अब तेजी से इंटीग्रेटेड डिफेंस सिस्टम की ओर बढ़ रहा है, जहां थलसेना, नौसेना और वायुसेना एक साझा रणनीतिक ढांचे में काम करेंगी।
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दुनिया को दिया बड़ा संदेश
विशेषज्ञों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर पर सेना की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ सैन्य उपलब्धि बताने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की नई रक्षा नीति का स्पष्ट संकेत भी थी।
भारत ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अब वह आतंकवाद और सीमा पार चुनौतियों पर पहले से ज्यादा निर्णायक और तकनीकी रूप से सक्षम तरीके से जवाब देने के लिए तैयार है।
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