
UP News: सभी जिलों में लागू होगी बाल श्रमिक विद्या योजना, बच्चों को मिलेगी शिक्षा और आर्थिक मदद
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाल श्रमिक विद्या योजना को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने का निर्देश दिया है। जानें इस योजना के तहत कामकाजी बच्चों को क्या लाभ मिलेंगे और सेवामित्र पोर्टल कैसे रोजगार बढ़ाएगा।
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिया है कि अब राज्य के सभी 75 जिलों में ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ (Bal Shramik Vidya Yojana) को नए प्रावधानों के साथ पूरी तरह से लागू किया जाए।
वर्तमान में यह योजना प्रदेश के केवल 20 जिलों में संचालित की जा रही थी। इस योजना के विस्तार से कामकाजी बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने और बाल श्रम को पूरी तरह समाप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी।
श्रमिकों का सम्मान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिक किसी भी राज्य की प्रगति और विकास की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उन्हें सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण देना उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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क्या है बाल श्रमिक विद्या योजना और किसे मिलेगा लाभ?
बाल श्रमिक विद्या योजना मुख्य रूप से उन कामकाजी बच्चों के लिए है जो आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने पर मजबूर हैं।
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लक्षित आयु वर्ग: इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष तक के कामकाजी बच्चों को शामिल किया जाता है।
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मुख्य उद्देश्य: इन बच्चों को बाल श्रम की दलदल से बाहर निकालकर स्कूलों और औपचारिक शिक्षा से जोड़ना।
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आर्थिक सहायता: योजना के अंतर्गत चिन्हित बच्चों को सरकार की तरफ से मासिक वित्तीय सहायता (Financial Assistance) भी प्रदान की जाती है ताकि उनके परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
‘सेवामित्र व्यवस्था’ से बढ़ेगी पारदर्शिता और स्थानीय रोजगार
समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी ने ‘सेवामित्र पोर्टल’ (Sevamitra Portal) को और अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में भी आउटसोर्सिंग और कुशल जनशक्ति के लिए सेवामित्र व्यवस्था का उपयोग किया जाना चाहिए, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी और स्थानीय युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में इस पोर्टल पर 54,747 कुशल कामगार पहले से पंजीकृत हैं।
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औद्योगिक शहरों में बनेंगे आधुनिक ‘श्रमिक सुविधा केंद्र’
उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख औद्योगिक शहरों में अब आधुनिक ‘श्रमिक सुविधा केंद्र’ (Shramik Suvidha Kendra) विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये केंद्र सिर्फ श्रमिकों के जुटने का स्थान नहीं होंगे, बल्कि इन्हें सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दूसरे राज्यों या क्षेत्रों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास (Safe Housing) की व्यवस्था भी की जाएगी।
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इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए, कानपुर में 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास (Hostel) स्थापित किया जाएगा। यहाँ युवाओं को बढ़ई (Carpenter), बिजली मिस्त्री (Electrician), और नलसाज (Plumber) जैसे व्यावहारिक और तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण देकर रोजगार के काबिल बनाया जाएगा।





